UPI Payment: फीचर फोन से भी संभव है यूपीआई पेमेंट, ये रहा तरीका

UPI Payment on Feature Phone - अगर आपको लगता है कि यूपीआइ पेमेंट का तरीका सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित है, तो जरा ठहरिए. सरकार ने कुछ समय पहले फीचर फोन यूजर्स के लिए भी यूपीआइ पेमेंट का ऑप्शन उपलब्ध कराया है.

Feature Phone UPI Payment – यूपीआइ पेमेंट ने लोगों की आदत कुछ ऐसी बदल दी है कि अब उन्होंने पॉकेट में कैश रखना ही बंद कर दिया है. अगर आपको लगता है कि यूपीआइ पेमेंट का तरीका सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित है, तो जरा ठहरिए.

सरकार ने कुछ समय पहले फीचर फोन यूजर्स के लिए भी यूपीआइ पेमेंट का ऑप्शन उपलब्ध कराया है. फीचर फोन यूजर्स यूपीआइ 123PAY की मदद से डिजिटल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं.

यूपीआइ 123PAY एक एनपीसीआइ का इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है, जिसे फीचर फोन के लिए पेश किया गया है. आज के समय में फीचर फोन इन-बिल्ट यूपीआइ 123PAY फंक्शन के साथ आते हैं.

इस सर्विस के जरिये फीचर फोन यूजर चार तरीकों से पेमेंट कर सकते हैं. इनमें आइवीआर नंबर पर कॉल करना, ऐप के जरिये, मिस्ड कॉल से पेमेंट और प्रॉक्सिमिटी साउंड बेस्ड पेमेंट शामिल है.

सबसे पहले अपने बैंक अकाउंट को फीचर फोन नंबर से लिंक करना होगा. इसके बाद अपने बैंक कार्ड डिटेल्स के जरिये यूपीआइ पिन सेट करना है. अब आइवीआर नंबर (08045163666, 08045163581, या 6366200200) पर अपने फीचर फोन से कॉल करना है.

इसके बाद मेन्यू ओपन होगा, यहां दिये गये ऑप्शन में से ‘मनी ट्रांसफर’ का ऑप्शन चुनना है. अब कॉन्टेक्ट मेन्यू ओपन होगा. आपको वह नंबर चुनना है, जिसे आप यूपीआइ के जरिये पैसे भेजना चाहते हैं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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