Tata भारतीय EV मार्केट में सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक है. इसके पास कई इलेक्ट्रिक कार मॉडल्स की अच्छी रेंज भी है. कंपनी लगातार EV ओनर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और अपने सर्विस सेंटर्स को अपग्रेड करने पर काम कर रही है. क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से काफी अलग होती हैं, इसलिए इन्हें सर्विस करने के लिए अलग तरह की स्किल और ट्रेनिंग वाले टेक्नीशियन की जरूरत पड़ती है. हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे Tata Tiago EV का बैटरी पैक एक ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर बदला जाता है. आइए देखते हैं इस वीडियो को.
Tata Tiago EV की बैटरी में आई खराबी
यह वीडियो केरल के Kallingal Tata नाम के एक ऑथराइज्ड Tata डीलरशिप ने शेयर किया है. इसमें बताया गया है कि 2022 मॉडल की Tata Tiago EV एक समस्या के चलते वर्कशॉप में लाई गई थी. जब टेक्नीशियनों ने इसकी जांच की, तो पता चला कि कार की बैटरी पैक में खराबी है. चूंकि यह गाड़ी अभी वारंटी में थी, इसलिए सर्विस सेंटर ने बिना देरी किए नई बैटरी पैक ऑर्डर कर दिया.
कैसे होती है Tata Tiago EV की बैटरी रिप्लेसमेंट?
वीडियो में दिखाया गया है कि एक नई बैटरी पैक पिकअप ट्रक के पीछे सर्विस सेंटर तक पहुंचती है. फिर उसे फोर्कलिफ्ट की मदद से उतारा जाता है और बड़े ध्यान से उसके क्रेट से बाहर निकाला जाता है. इसके बाद जिस Tata Tiago EV में समस्या थी, उसे सर्विस बे में लाया जाता है और लिफ्ट पर खड़ा किया जाता है. फिर कार के चारों टायर हटाए जाते हैं और EV होने की वजह से टेक्नीशियन हाई-वोल्टेज केबल्स को सावधानी से डिस्कनेक्ट करते हैं. ऐसा भी दिखता है कि बैटरी सिस्टम को भी अलग किया गया है, ताकि आगे की रिपेयरिंग सेफ तरीके से की जा सके.
Tiago EV कोई पूरी तरह से ‘born-electric’ प्लेटफॉर्म पर बनी गाड़ी नहीं है. इसका बैटरी पैक कार के फ्लोर के नीचे फिट किया गया है. वीडियो में दिखाया गया है कि टेक्नीशियन पहले पुराने बैटरी पैक को निकालते हैं और बहुत सावधानी से उसे नीचे उतारते हैं. इसे संभालना आसान नहीं है, इसलिए पूरा प्रोसेस बेहद ध्यान से किया जाता है. बैटरी को आराम से निकालने के लिए पीछे का एक्सल भी हटाया जाता है, ताकि कोई दिक्कत न आए.
नई बैटरी फिट करने से टेस्ट ड्राइव तक का प्रोसेस
पुरानी बैटरी पैक हटाने के बाद टेक्नीशियंस ने सबसे पहले कार के अंडरबॉडी की अच्छे से जांच की. इसके बाद नई बैटरी पैक को सावधानी से उठाकर सही जगह फिट किया गया और सही अलाइनमेंट होने पर उसे नीचे की तरफ मजबूती से बोल्ट कर दिया गया. फिर बैटरी को कनेक्ट किया गया और हाई-वोल्टेज वायरिंग दोबारा जोड़ी गई.
सभी कनेक्शन पूरे होने के बाद टीम ने लैपटॉप लगाकर चेक किया कि सिस्टम ठीक से काम कर रहा है या नहीं. साथ ही बैटरी की हेल्थ भी टेस्ट की गई. सब कुछ सही मिलने पर आखिर में गाड़ी स्टार्ट की गई और उसे टेस्ट ड्राइव के लिए बाहर ले जाया गया.
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