भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. आमतौर पर इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री उनके पेट्रोल-डीजल वेरिएंट्स से कम होती है, लेकिन Tata Motors की Harrier EV ने इस ट्रेंड को बदल दिया है. लॉन्च के बाद से ही इस इलेक्ट्रिक SUV की बिक्री लगातार बढ़ रही है और अब यह अपने ICE (Internal Combustion Engine) वेरिएंट से ज्यादा बिक रही है.
बिक्री के आंकड़े
Harrier EV की शुरुआती कीमत ₹21.49 लाख रखी गई थी
लॉन्च के पहले महीने EV की 475 यूनिट्स बिकीं, जबकि ICE Harrier की 784 यूनिट्स
जुलाई 2025 में EV की बिक्री बढ़कर 1301 यूनिट्स हो गई, वहीं ICE वेरिएंट सिर्फ 915 यूनिट्स पर रहा
पिछले 10 महीनों में Harrier EV की कुल 17,592 यूनिट्स बिकीं, जबकि ICE वेरिएंट की 13,416 यूनिट्स
यानी कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी 57% रही.
EV का पलड़ा भारी
अक्टूबर 2025 में Harrier की कुल बिक्री 4483 यूनिट्स रही, जिसमें EV का हिस्सा 64% तक पहुंच गया. औसतन हर महीने EV की 1759 यूनिट्स बिक रही हैं, जबकि ICE वेरिएंट की 1342 यूनिट्स.
क्यों बढ़ रही है EV की डिमांड
बढ़ते फ्यूल प्राइसेज के बीच EV ज्यादा किफायती साबित हो रही है
Tata Motors ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी टेक्नोलॉजी पर जोर दिया है
ग्राहकों को बेहतर रेंज और कम मेंटेनेंस कॉस्ट का फायदा मिल रहा है.
Tata Harrier EV की सफलता यह दिखाती है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य अब सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेनस्ट्रीम मार्केट में भी EV का दबदबा बढ़ेगा.
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