Suzuki Access 125 की वो 5 खासियतें, जो इसे बनाती हैं नंबर-1 फैमिली स्कूटर

Suzuki Access 125 भारतीय परिवारों के लिए एक पसंदीदा स्कूटर है. इसके रिफाइंड इंजन, बेहतरीन माइलेज और आरामदायक डिजाइन इसे खास बनाते हैं. जानें इसकी 5 मुख्य बातें, जो इसे नंबर-1 बनाती हैं.

भारतीय टू-व्हीलर बाजार में 125cc सेगमेंट के अंदर सुजुकी एक्सेस 125 लंबे समय से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. यह स्कूटर अपने सिंपल लुक, शानदार माइलेज और बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है. इसे नंबर-1 स्कूटर कहा जाए, तो कोई हैरान होने वाली बात नहीं है. अगर आप भी अपने परिवार के लिए एक ऐसा स्कूटर तलाश रहे हैं जो हर उम्र के व्यक्ति के लिए चलाने में आसान हो, तो एक्सेस 125 की ये 5 खासियतें जानना आपके लिए बहुत यूजफुल साबित हो सकता है.

Suzuki Access 125: रिफाइंड इंजन और दमदार परफॉर्मेंस

सुजुकी एक्सेस 125 में 124cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 8.7 PS की पावर और 10 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसका सुजुकी ईको परफॉर्मेंस (SEP) इंजन बहुत ही स्मूथ और वाइब्रेशन-फ्री राइड देता है. शहर के ट्रैफिक में इसे संभालना और आगे बढ़ाना बेहद आसान रहता है, जिससे हर कोई इसे आसानी से चला सकता है.

Suzuki Access 125: बेहतरीन माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट

फैमिली के लिए स्कूटर चुनते समय माइलेज सबसे पहली प्राथमिकता होती है. एक्सेस 125 अपनी कैटेगरी में सबसे ज्यादा माइलेज देने वाले स्कूटर्स में से एक है. यह स्कूटर सड़क पर आसानी से 45 से 50 किमी प्रति लीटर का माइलेज दे सकता है. इसका फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम पेट्रोल की खपत को कम करता है, जिससे आपकी जेब पर डेली का खर्च काफी कम पड़ता है.

Suzuki Access 125: क्लासिक डिजाइन और लंबी सीट का कम्फर्ट

इसका डिजाइन बहुत ही सिंपल और रेट्रो-क्लासिक लुक वाला है जो हर जनरेशन के लोगों को पसंद आता है. इसमें काफी लंबी और चौडी सीट दी गई है, जिससे राइडर और पीछे बैठने वाले पैसेंजर दोनों को आराम मिलता है. इसका आगे का फ्लोरबोर्ड भी काफी बड़ा है, जहां सामान आसानी से रखा जा सकता है.

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Suzuki Access 125: 21.8 लीटर बूट स्पेस और फ्रंट एक्सटर्नल फ्यूल फिलिंग

सुजुकी एक्सेस 125 में 21.8 लीटर का बडा अंडर-सीट बूट स्पेस मिलता है, जिसमें हेलमेट या घर का राशन का सामान आसानी से आ जाता है. इसके अलावा इसमें बाहर की तरफ ही फ्यूल कैप दिया गया है, जिससे पेट्रोल भरवाते समय सीट उठाने की जरूरत नहीं पड़ती. आगे मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और ग्लव बॉक्स भी दिया गया है.

Suzuki Access 125: डिजिटल कंसोल और राइड कनेक्ट एडिशन

इसके टॉप वेरिएंट्स में पूरी तरह डिजिटल मीटर मिलता है जो ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ आता है. इसको फोन से कनेक्ट करने पर टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल-मैसेज अलर्ट, मिस कॉल अलर्ट और फोन की बैटरी लेवल जैसी जानकारियां स्क्रीन पर ही दिखाई देती हैं, जिससे सफर काफी आसान हो जाता है.

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Suzuki Access 125: कीमत और फैसला

सुजुकी एक्सेस 125 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत भारतीय बाजार में लगभग 80,000 रुपये से शुरू होकर इसके टॉप ब्लूटूथ वेरिएंट के लिए करीब 90,000 रुपये तक जाती है. अपनी सही कीमत, दमदार इंजन, शानदार माइलेज और भरोसेमंद राइडिंग की वजह से यह आज भी भारतीय परिवारों के लिए नंबर-1 स्कूटर बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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