Simple Wave vs Ather Konarc: रेंज से लेकर फीचर्स तक... कौन है फैमिली के लिए बेस्ट?

सिंपल वेव और एथर कोनार्क, दो नए फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटरों का सीधा कंपैरिजन देखें. जानिए किसमें है ज्यादा रेंज, स्टोरेज और बेहतर फीचर्स. आपकी फैमिली की जरूरत के लिए कौन-सा स्कूटर है परफेक्ट, जानें.

एथर कोनार्क (Ather Konarc) की शुरुआती कीमत सिंपल वेव (Simple Wave) से लगभग 10,000 रुपये कम है, लेकिन सिंपल एनर्जी की वेव ज्यादा रेंज और काफी बड़े स्टोरेज के साथ आती है, जो फैमिली बायर्स के लिए काफी अहम होते हैं. इन दोनों नए फैमिली स्कूटरों की तुलना करने पर बात इस बात पर आती है कि आपको रोजाना क्या चाहिए. कोनार्क के चार बैटरी ऑप्शंस आपको सिर्फ उतनी रेंज का पैसा देने की सुविधा देते हैं जितनी आपको जरूरत है, जबकि सिंपल वेव का 70 लीटर का स्टोरेज और 243 किमी की टॉप रेंज उन ग्राहकों को टारगेट करती है जो कम कीमत के बजाय ज्यादा सामान रखने की जगह और लंबी दूरी को प्राथमिकता देते हैं.

Simple Wave vs Ather Konarc: कीमत और वेरिएंट स्ट्रक्चर

कीमत की बात करें तो कोनार्क S की शुरुआती कीमत 99,999 रुपये (एक्स-शोरूम) है, जबकि इसका हाई-स्पेसिफिकेशन वाला कोनार्क Z वेरिएंट जल्द ही आने वाला है. सिंपल वेव की शुरुआती इंट्रोडक्टरी कीमत 1.10 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जो वेव S, वेव और वेव+ ट्रिम्स में डिवाइडेड 6 मॉडलों की रेंज में आती है. 

दोनों कंपनियां एक ही स्पेसिफिकेशन के बजाय कई बैटरी साइज के आधार पर अपने मॉडल पेश कर रही हैं. इसलिए ग्राहक को मिलने वाली असली कीमत इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कौन-सा बैटरी और डिस्प्ले कॉम्बिनेशन चुनते हैं, न कि केवल लांच के समय बताई गई शुरुआती कीमत पर.

Simple Wave vs Ather Konarc: रेंज और बैटरी ऑप्शंस

रेंज के मामले में भी दोनों में कई ऑप्शन देखने को मिलते हैं. कोनार्क S में चार बैटरी ऑप्शंस मिलते हैं जो 100 किमी से 200 किमी तक की IDC रेंज देते हैं, जबकि कोनार्क Z वेरिएंट्स के आंकड़े आने के बाद थोड़े अलग हो सकते हैं.

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सिंपल वेव के चार बैटरी साइज (2.2kWh से 5kWh) 110 किमी से लेकर 243 किमी तक की IDC रेंज देते हैं. इसका टॉप वेरिएंट वेव+ 90 किमी/घंटा की टॉप स्पीड का दावा करता है, जबकि कोनार्क Z की टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है. कागजों पर सिंपल वेव आगे दिखती है, हालांकि एथर का पुराना अनुभव और उसका चार्जिंग नेटवर्क ऐसे पहलू हैं जो स्पेसिफिकेशन शीट पर दिखाई नहीं देते हैं.

Simple Wave vs Ather Konarc: स्टोरेज और फीचर्स

स्टोरेज के मामले में सिंपल वेव काफी आगे निकल जाती है. कंपनी का दावा है कि अंडर-सीट कंपार्टमेंट, ग्लवबॉक्स और नए पिल यूनिट को मिलाकर इसमें 70 लीटर तक का स्टोरेज मिलता है, जिसकी बराबरी के लिए एथर ने कोनार्क के लिए कोई खास दावा नहीं किया है. 

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कनेक्टेड फीचर्स की बात करें तो कोनार्क में वेरिएंट के हिसाब से डीपव्यू या TFT टचस्क्रीन मिलती है जिसमें गूगल मैप्स और क्रिकेट स्कोर देखने की सुविधा है. वहीं सिंपल वेव के TFT से लैस मॉडल्स में GPS ट्रैकिंग, ट्रैक्शन कंट्रोल और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं.

फैमिली के लिए कौन-सा सही है?

आपके लिए कौन सा स्कूटर सही रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कम शुरुआती कीमत और एथर के डीलरशिप नेटवर्क को अटेंशन देते हैं या फिर सिंपल वेव के बड़े स्टोरेज और ज्यादा रेंज को. दोनों के शोरूम में उपलब्ध होने के बाद टेस्ट राइड लेकर ही सही फैसला लिया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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