आज के इस प्रभात खबर स्पेशल सेगमेंट 'ऑटोकथा' में हम पढ़ने वाले हैं भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाली कंपनी 'ओला इलेक्ट्रिक' (Ola Electric) के बारे में. एक कैब-एग्रीगेटर स्टार्टअप से देश की सबसे बड़ी ईवी (EV) कंपनी बनने और फिर सर्विस से जुड़ी चुनौतियों के कारण अपनी मार्केट लीडरशिप गंवाने तक, ओला की यात्रा किसी थ्रिलर से कम नहीं रही है. तो चलिए इस सफर का अनुभव करते हैं इस एपिसोड से जिसका नाम है- 'Ola Electric का सफरनामा'.
ओला इलेक्ट्रिक का शुरुआती सफर
भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने जब 2010 में ओला कैब्स (Ola Cabs) की शुरुआत की थी, तब मोबिलिटी का अर्थ केवल कैब बुक करना था. लेकिन 2017 आते-आते यह साफ हो गया कि भविष्य इलेक्ट्रिक है.
ओला कैब्स के एक छोटे से प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई 'ओला इलेक्ट्रिक' ने 2019 में एक अलग इकाई के रूप में काम करना शुरू किया. उस समय भारत का ईवी बाजार शुरुआती दौर में था. एथर एनर्जी (Ather Energy) जैसे गिने-चुने प्रीमियम प्लेयर्स थे, जबकि अन्य ब्रांड्स सस्ते, चीनी पार्ट्स से बने स्कूटर्स बेच रहे थे.
भाविश अग्रवाल ने 2020 में नीदरलैंड की कंपनी एटरगो (Etergo) का अधिग्रहण किया, जिसने ओला के पहले स्कूटर के लिए एक मजबूत इंजीनियरिंग बेस तैयार किया.
फ्यूचरफैक्ट्री के जरिए इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेटेजी
ओला ने शुरुआत से ही स्केल पर दांव लगाया. तमिलनाडु के कृष्णागिरी में 500 एकड़ में फैली 'फ्यूचरफैक्ट्री' की घोषणा की गई, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर फैक्ट्री बनाने का लक्ष्य रखा गया था. कंपनी की रणनीति 'वर्टिकल इंटीग्रेशन' की थी- यानी बैटरी पैक से लेकर मोटर तक सब कुछ इन-हाउस बनाना.
- S1 और S1 Pro का महा-लॉन्च: 15 अगस्त 2021 को ओला ने अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, S1 और S1 Pro लॉन्च किए. इसके डिजाइन, परफॉर्मेंस और लंबी रेंज के दावों ने बाजार में तहलका मचा दिया. शुरुआती दौर में कंपनी ने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मॉडल अपनाया, यानी बिना किसी डीलरशिप के सीधे ग्राहकों के घर डिलीवरी करना.
पोर्टफोलियो का विस्तार: S1 Air, S1 X और MoveOS
- जैसे-जैसे बाजार परिपक्व हुआ, ओला ने महसूस किया कि केवल प्रीमियम सेगमेंट से वॉल्यूम नहीं आएगा. इसके बाद कंपनी ने किफायती मॉडल S1 Air और फिर बड़े बाजार के लिए S1 X और S1 X+ सीरीज उतारी.
- MoveOS: ओला का दृष्टिकोण 'सॉफ्टवेयर-फर्स्ट' रहा है. कंपनी का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम, MoveOS, स्कूटर्स को स्मार्टफोन की तरह ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स के जरिए नए फीचर्स देता है.
- डीलरशिप नेटवर्क: D2C मॉडल में आ रही दिक्कतों के बाद कंपनी ने 'एक्सपीरियंस सेंटर्स' खोलकर अपना ऑफलाइन सेल्स नेटवर्क तेजी से बढ़ाया.
- Gen 2 प्लेटफॉर्म: ओला ने 2023 में अपने स्कूटर्स को Gen 2 प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया, जिसमें चेसिस को ट्यूबलर फ्रेम से बदला गया और बैटरी व मोटर के डिजाइन को ज्यादा एफिशिएंट बनाया गया.
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल स्ट्रेटेजी और रोडस्टर
ओला ने 15 अगस्त 2024 को अपनी 'रोडस्टर' (Roadster) सीरीज लॉन्च करके मोटरसाइकिल सेगमेंट में कदम रखा. इससे पहले 2023 में कंपनी ने चार कॉन्सेप्ट्स- Cruiser, Adventure, Roadster और Diamondhead पेश किए थे. ओला की रणनीति मास कम्यूटर से लेकर प्रीमियम स्पोर्ट्स बाइक्स तक ईवी का विस्तार करने की है.
ओला इलेक्ट्रिक IPO और उसका महत्व
9 अगस्त 2024 को ओला इलेक्ट्रिक शेयर बाजार पर लिस्ट हुई. कंपनी का इश्यू प्राइस ₹76 प्रति शेयर था और इसका कुल इश्यू साइज ₹6,145.56 करोड़ था, जिसमें ₹5,500 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल था. इस IPO ने कंपनी को नई सेल मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और ऋण चुकाने के लिए बड़ी पूंजी दी.
वित्तीय स्थिति (FY24 से FY26)
- ओला की बिक्री में भले ही तेजी आई, लेकिन मुनाफे का रास्ता अभी दूर है. FY24 में कंपनी का आय ₹5,010 करोड़ था, जो FY25 में गिरकर ₹4,514 करोड़ रह गया. इसके साथ ही FY25 में कंपनी का घाटा बढ़कर ₹2,276 करोड़ हो गया. सितंबर 2026 तक कंपनी अपनी उत्पादन लागत घटाने और मार्जिन सुधारने पर काम कर रही है.
सर्विस नेटवर्क की चुनौतियां, CCPA नोटिस और हाइपरसर्विस
- 2024 के अंत तक, ओला की सबसे बड़ी ताकत यानी तेज बिक्री ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई. आफ्टर-सेल्स सर्विस का ढांचा चरमरा गया.
- अक्टूबर 2024 में, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ओला को कारण बताओ नोटिस जारी किया. यह नोटिस नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर मिली 10,644 शिकायतों के आधार पर दिया गया था, जिनमें सर्विस और डिलीवरी में देरी के मामले सबसे ज्यादा थे.
- हाइपरसर्विस पहल: इस संकट से उबरने के लिए ओला ने 'हाइपरसर्विस' अभियान शुरू किया. कंपनी ने सर्विस सेंटर्स की संख्या दोगुनी करने, स्पेयर-पार्ट्स की सप्लाई चैन को मजबूत करने का वादा किया. ओला ने रेगुलेटर को बताया कि उसने 99.1% शिकायतों का समाधान कर दिया है, हालांकि स्वतंत्र फोरम्स पर इसे लेकर ग्राहकों ने लंबी बहस भी की.
Gen 3, भारत सेल और ओला गिगाफैक्ट्री
सितंबर 2026 तक, ओला इलेक्ट्रिक अपने Gen 3 प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है. इसमें 'स्ट्रक्चरल बैटरी' का इस्तेमाल होगा, जो वजन कम करेगा और रेंज बढ़ाएगा.
- बैटरी मैन्युफैक्चरिंग: ईवी की कुल लागत का लगभग 30-40% हिस्सा बैटरी का होता है. ओला तमिलनाडु स्थित अपनी 'गिगाफैक्ट्री' में 4680 सिलिंड्रिकल सेल्स (जिन्हें 'भारत सेल' नाम दिया गया है) का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही है. साथ ही, कंपनी LFP (Lithium Iron Phosphate) तकनीक पर भी काम कर रही है.
- ओला शक्ति (Ola Shakti): कंपनी ने खुद को केवल टू-व्हीलर तक सीमित न रखते हुए 'एनर्जी स्टोरेज' बिजनेस में भी कदम रखा है, जिसमें घरेलू पावर बैकअप सॉल्यूशंस शामिल हैं.
बाजार की वर्तमान स्थिति और प्रतिस्पर्धी
2024 तक ओला इलेक्ट्रिक भारत में लगभग 35% मार्केट शेयर (4.29 लाख यूनिट्स की बिक्री) के साथ निर्विवाद रूप से पहले स्थान पर थी. लेकिन सर्विस की शिकायतों और टीवीएस (TVS) व बजाज (Bajaj) जैसे पारंपरिक ब्रांड्स के आक्रामक रवैये के कारण ओला का मार्केट शेयर 2025 में 50% तक गिरकर 16.1% (लगभग 1.96 लाख यूनिट्स) रह गया.
2025 के वाहन (VAHAN) डेटा के अनुसार, TVS मोटर 24.2% शेयर (2,95,315 यूनिट्स) के साथ पहले स्थान पर और बजाज ऑटो 21.9% के साथ दूसरे स्थान पर आ गए.
SWOT एनालिसिस
- Strengths (मजबूती): इन-हाउस सेल मैन्युफैक्चरिंग (PLI स्कीम का फायदा), मजबूत ब्रांड रिकॉल, और सॉफ्टवेयर व R&D क्षमता.
- Weaknesses (कमजोरी): सर्विस नेटवर्क की खराब प्रतिष्ठा, ग्राहकों का गिरता भरोसा, और लगातार बढ़ता वित्तीय घाटा.
- Growth Drivers (ग्रोथ के कारण): टियर-2 और टियर-3 शहरों में सस्ते मॉडल्स की पहुंच, और नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स की बिक्री.
- Risks (खतरे): पारंपरिक प्लेयर्स (TVS, Bajaj, Hero) का बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, और बैटरी कच्चे माल (Lithium) की ग्लोबल सप्लाई चैन पर निर्भरता.
Ola Electric at a Glance
| पैमाना | विवरण |
| फाउंडर | भाविश अग्रवाल |
| IPO लिस्टिंग | 9 अगस्त 2024 (BSE & NSE) |
| FY25 रेवेन्यू | ₹4,514 करोड़ |
| FY25 कुल घाटा | ₹2,276 करोड़ |
| प्रमुख मॉडल्स | S1 Pro, S1 Air, S1 X सीरीज |
| प्रमुख मॉडल्स | Roadster X, Roadster, Roadster Pro |
| मुख्य प्रतिस्पर्धी | TVS (iQube), Bajaj (Chetak), Ather Energy |
| बैटरी सेल | 4680 'Bharat Cell' (In-house) |
ओला इलेक्ट्रिक: क्रोनोलॉजिकल टाइमलाइन
- मई 2020: एटरगो (Etergo BV) का अधिग्रहण और इलेक्ट्रिक स्कूटर की नींव.
- 15 अगस्त 2021: भारत में ओला S1 और S1 Pro का आधिकारिक लॉन्च.
- अक्टूबर 2022: किफायती S1 Air मॉडल का लॉन्च.
- अगस्त 2023: 4 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स के कॉन्सेप्ट (Gen 2 प्लेटफॉर्म के साथ) पेश किए.
- अगस्त 2024: ओला इलेक्ट्रिक का 6,145 करोड़ रुपये का IPO शेयर बाजार में लिस्ट. 'रोडस्टर' मोटरसाइकिल लॉन्च.
- अक्टूबर 2024: 10,644 शिकायतों के बाद CCPA का कारण बताओ नोटिस, 'हाइपरसर्विस' नेटवर्क की घोषणा.
- मार्च 2025 (FY25 अंत): आय गिरने और 2,276 करोड़ के घाटे की रिपोर्ट.
- दिसंबर 2025: TVS और Bajaj ने मार्केट शेयर में ओला को पछाड़ा.
- 2026 (वर्तमान): Gen 3 प्लेटफॉर्म पर शिफ्टिंग और इन-हाउस सेल मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत.
