646hp V8 इंजन और 310kmph टॉप-स्पीड... Mercedes ने पेश की नई AMG CLE 646, सिर्फ 30 लोगों को ही मिलेगी ये कार

मर्सिडीज-AMG ने अपनी नई लिमिटेड एडिशन कार CLE 646 से पर्दा उठा दिया है. खास बात यह है कि दुनिया भर में बनने वाली सभी 30 यूनिट्स कार के ऑफिशियल खुलासे से पहले ही बिक चुकी हैं.

मर्सिडीज-AMG ने CLE 646 (Mercedes-AMG CLE 646) स्पेशल अनफर्टिगंग से पर्दा उठा दिया है. यह CLE 53 प्लेटफॉर्म पर बनी सिर्फ 30 यूनिट्स की लिमिटेड एडिशन कार है. इसमें 4.0-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 इंजन दिया गया है, जो 646hp की पावर और 850Nm का टॉर्क बनाता है. यह पूरा पावर सिर्फ पीछे वाले पहियों तक भेजता है.

प्योरास्पीड के बाद AMG की नई मिथोस सीरीज में यह दूसरा मॉडल है. खास बात यह है कि दुनिया भर में बनने वाली सभी 30 यूनिट्स कार के ऑफिशियल खुलासे से पहले ही बिक चुकी हैं. इसका मतलब है कि भारत सहित ज्यादातर खरीदार इसे सिर्फ तस्वीरों में ही देख पाएंगे. इसकी कीमत की घोषणा नहीं की गई है और मर्सिडीज-AMG ने इसे भारत लाने का कोई प्लान नहीं जताया है.

Mercedes-AMG CLE 646: पावरट्रेन डिटेल्स

CLE 646 में फ्लैट-प्लेन क्रैंकशाफ्ट वाला AMG का M177 इवो V8 इंजन दिया गया है. इसे 9-स्पीड AMG स्पीडशिफ्ट ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रॉनिक रूप से कंट्रोल होने वाले लिमिटेड-स्लिप डिफरेंशियल के साथ जोड़ा गया है. ऑल-व्हील-ड्राइव वाली CLE 53 पर आधारित होने के बावजूद, यह वर्जन अपनी पूरी पावर सिर्फ पिछले पहियों को भेजता है.

मर्सिडीज-AMG का दावा है कि यह कार 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 3.9 सेकंड में और 0 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार 11.4 सेकंड में पकड़ लेती है. इसकी टॉप स्पीड 310 किमी प्रति घंटा है, जो इसे स्टैंडर्ड CLE 53 के मुकाबले बहुत आगे ले जाती है.

Mercedes-AMG CLE 646: वजन में कहां हुई कटौती

AMG का कहना है कि मूल कार के मुकाबले इससे लगभग 170 किलोग्राम वजन कम किया गया है, जिससे इसका कुल वजन घटकर 1,895 किलोग्राम रह गया है. यह कटौती फेंडर्स, बोनट, छत, सिल्स, रियर एप्रन और बूट लिड पर कार्बन-फाइबर पैनल्स के साथ-साथ पॉलीकार्बोनेट रियर ग्लास और हल्की 12-वोल्ट बैटरी के इस्तेमाल से हुई है.

ये भी पढ़ें: 8 एयरबैग्स, 1.6 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन... लॉन्च से पहले Kia ने शुरू कर दी इस दमदार MPV की प्री-बुकिंग, जानें खासियत

इसकी बॉडी स्टैंडर्ड CLE 53 से 60 मिमी ज्यादा चौड़ी है. कार में 20-इंच के फोर्ज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जिनमें कॉन्फिगरेशन के आधार पर फिक्स्ड या एडजस्टेबल रियर विंग मिलता है. ब्रेकिंग के लिए कार्बन-सिरेमिक डिस्क्स दी गई हैं, जिसमें आगे 420 मिमी और पीछे 360 मिमी के डिस्क्स के साथ आगे 6-पिस्टन और पीछे सिंगल-पिस्टन कैलिपर्स मौजूद हैं.

Mercedes-AMG CLE 646: केबिन में बदलाव और क्या कम हुआ

वजन घटाने के लिए CLE 646 के अंदर से पीछे की सीटें और आवाज रोकने वाला सिस्टम पूरी तरह हटा दिया गया है. इनकी जगह हल्के बकेट सीट्स, कार्बन-फाइबर डोर ट्रिम और एक रोल बार लगाया गया है.

स्टैंडर्ड साउंड सिस्टम और कुछ ड्राइवर-असिस्टेंस फीचर्स को आसान बना दिया गया है या पूरी तरह हटा दिया गया है. ऑप्शनल परफॉर्मेंस पैकेज के हिस्से के रूप में 6-पॉइंट रेसिंग हार्नेस दिया गया है. ये बातें साफ करती हैं कि यह रोज चलाने के बजाय ट्रैक पर रेसिंग के लिए बनाई गई कार है.

ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: भारत के Auto Sector को क्या फायदा? EV से Car Export तक बदल सकती है तस्वीर

खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

भारतीय AMG ग्राहकों के लिए यह खास कार खरीदना प्रैक्टिकल नहीं है, क्योंकि दुनिया भर में इसकी सभी यूनिट्स बिक चुकी हैं और मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने इसे आने वाले लॉन्च की लिस्ट में शामिल नहीं किया है.

भारत के लिए इसका महत्व प्रैक्टिकल से ज्यादा टेक्निकल है. यह दिखाता है कि AMG किस तरह की कम संख्या वाली और हाई-परफॉर्मेंस इंजीनियरिंग बनाने के लिए तैयार है, जिसका असर कभी-कभी उन मॉडल्स के स्टाइल या परफॉर्मेंस पैकेज में देखने को मिलता है जो आखिरकार भारतीय शोरूम तक पहुंचते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >