मासेराती ने गौतम सिंघानिया के आरोपों का किया खंडन, जानें क्या है पूरा मामला

रेमंड ग्रुप के एमडी गौतम सिंघानिया ने अभी हाल ही में कंपनी के एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मासेराती एमसी20 सुपरकार को अपनी जीवन की सबसे खराब बताया था. इसके साथ ही, उन्होंने इसे खतरनाक बताते हुए चलाने वालों को सावधान भी किया था.

नई दिल्ली : भारत के उद्योगपति गौतम सिंघानिया ने अभी हाल ही में 2021 के अंत में लॉन्च की गई सुपरकार एमसी 20 को लेकर सोशल मीडिया के प्रमुख मंच एक्स (ट्विटर) पर आरोप लगाया था कि यह सुपरकार भारत की सड़कों पर घूमने के बजाय गैरेज में खड़ी है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि मैंने मासेराती की कार खरीदी थी, इसके बदले में मुझे सिर्फ नींबू मिला. सुपरकार निर्माता कंपनी मासेराती ने गौतम सिंघानिया के इस आरोप का खंडन किया है.

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इटली की लग्जरी वाहन निर्माता मासेराती ने उद्योगपति और रेमंड ग्रुप के एमडी गौतम सिंघानिया के इस आरोप का खंडन किया है, जिसमें उसकी नई सुपरकार एमसी20, एक संभावित ड्राइवर हत्यारा है. सुपरकार को ओईएम द्वारा 2021 में पेश किया गया था, जो 325 किमी प्रति घंटे से अधिक की स्पीड पकड़ सकती है. कारों के शौकीन गौतम सिंघानिया भी इस सुपरकार के खरीदारों में से एक थे.

क्या है गौतम सिंघानिया का आरोप

रेमंड ग्रुप के एमडी गौतम सिंघानिया ने अभी हाल ही में कंपनी के एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मासेराती एमसी20 सुपरकार को अपनी जीवन की सबसे खराब बताया था. इसके साथ ही, उन्होंने इसे खतरनाक बताते हुए चलाने वालों को सावधान भी किया था. उन्होंने कहा कि मैंने एक मासेराती के लिए भुगतान किया, लेकिन इसके बदले मुझे सिर्फ एक नींबू मिला. कंपनी ने इसके लिए भारत की सड़क को जिम्मेदार ठहराया है. इससे पहले, उद्योगपति गौतम सिंघानिया ने ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कंपनी से मॉडल की सुरक्षा के लिए एक टेस्ट ड्राइवर नियुक्त करने की बात कही थी.

कंपनी नहीं मान रही अपनी कमी

गौतम सिंघानिया ने दावा किया है कि कार निर्माता कंपनी अपनी कमियों को मानने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि मासेराती एमसी20 सही मायने में एक खतरनाक कार है. उन्होंने भारतीय अधिकारियों और उपभोक्ता अदालतों को इस मामले को देखने की अपील की.

सिंघानिया ने जीएस डिजाइन को किया लॉन्च

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गौतम सिंघानिया ने सुपरकार क्लब गैराज की एक नई सहायक कंपनी जीएस डिजाइन को औपचारिक रूप से लॉन्च किया. मीडिया ने जब उनसे डिजाइन की व्यवसायिक क्षमता के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि सॉफ्ट लॉन्च के 10 दिनों के भीतर उनके पास 20 ऑर्डर हैं, जो बिल्कुल भी बुरी शुरुआत नहीं है. उन्होंने कहा कि सुपरकार क्लब गैराज में उनके पास 25 से अधिक लोग थे और अब उनके पास 250 से अधिक लोग हैं. मौजूदा ऑर्डरों की संख्या को देखते हुए उन्होंने लोगों की संख्या बढ़ने का भी अनुमान जताया है.

कंपनी ने क्या कहा

गौतम सिंघानिया के द्वारा ट्विटर पर किए पोस्ट का जवाब देते हुए मासेराती ने कहा कि हैलो, आपके खराब अनुभव के बारे में जानकर दुख हुआ. मासेराती में हमारे ग्राहक हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. हम आपकी चिंता का समाधान करना चाहेंगे. कृपया विस्तृत विवरण के साथ हमें निजी संदेश भेजिए, जिससे हम आपकी परेशानी का जल्द निवारण कर सकें.

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मासेराती ने लॉन्च किया नई सुपरकार

बता दें कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में आयोजित मोंटेरे कार वीक 2023 में इटली की कार निर्माता कंपनी मासेराती ने अपनी नई मैकएक्स्ट्रीमा को पेश किया है. पहले इस सुपरकार को प्रोजेक्ट 24 के नाम से जाना जाता था. मैकएक्स्ट्रीमा मैक12 बेस्ड है, लेकिन अब यह केवल ट्रैक व्हीकल बनकर रही है. इसका मतलब यह है कि मैकएक्स्ट्रीमा आम कारों की तरह किसी भी सड़क पर नहीं चलाई जा सकेगी. इसका अपना एक अलग क्लब है और कंपनी ने इसे क्लब के 62 सदस्यों के लिए ही इसे बनाया है. सबसे बड़ी बात यह है कि मैकएक्स्ट्रीमा की केवल 62 इकाइयों का ही उत्पादन किया जाएगा, जो पहले ही बिक चुकी है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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