मद्रास हाईकोर्ट से स्टंटबाज बाइकर टीटीएफ वासन नहीं मिली बेल, अदालत ने पेश की ये नजीर

जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में स्टंटबाज बाइकर टीटीएफ वासन की ओर से कहा गया है कि जिस समय वे हाईवे से गुजर रहे थे, ठीक उसी वक्त कुछ मवेशियां मद्धम गति से सड़क पार कर रहे थे. मवेशियों को धीरे-धीरे सड़क पार करते देख जब उन्होंने अपनी बाइक में ब्रेक लगाई, तो उसका पहिया ऊपर उठ गया.

चेन्नई : मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्टंटबाज बाइकर टीटीएफ वासन को जमानत देने से इनकार कर दिया है. इस स्टंटबाज बाइकर को 19 सितंबर 2023 को कांचीपुरम के पास थमल इलाके में चेन्नई-वेल्लोर हाईवे पर फुल स्पीड में लापरवाही से बाइक चलाते हुए स्टंट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस आरोप में बलूचेट्टी छत्रम पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मद्रास हाईकोर्ट से पहले कांचीपुरम की एक अदालत ने पुझल जेल में बंद टीटीएफ वासन की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद टीटीएफ वासन की ओर से मद्रास हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी. इस स्टंटबाज बाइकर को हाईकोर्ट से भी जोरदार झटका लगा है.

जमानत में क्या दी गई है दलील

जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में स्टंटबाज बाइकर टीटीएफ वासन की ओर से कहा गया है कि जिस समय वे हाईवे से गुजर रहे थे, ठीक उसी वक्त कुछ मवेशियां मद्धम गति से सड़क पार कर रहे थे. मवेशियों को धीरे-धीरे सड़क पार करते देख जब उन्होंने अपनी बाइक में ब्रेक लगाई, तो उसका पहिया ऊपर उठ गया. अर्जी में यह भी दलील दी गई है कि अगर अचानक ब्रेक नहीं लगाया जाता, तो मवेशियों के साथ-साथ उनकी जान के लिए भी खतरा हो सकता था. अर्जी में टीटीएफ वासन ने जमानत देने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस दौरान वह दुर्घटना में घायल भी हो गए थे और जेल में उन्हें समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है. उनके शरीर के जख्म गहरे होते जा रहे हैं. इसलिए उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की जरूरत है. हालांकि, इस अर्जी में टीटीएफ वासन ने खुद को निर्दोष कहा है.

अपने स्टंट से युवकों को भटकाने का काम कर रहे हैं टीटीएफ वासन : पुलिस

उधर, मद्रास हाईकोर्ट में टीटीएफ वासन की जमानत अर्जी पर जस्टिस सीवी कार्तिकेयन सुनवाई कर रहे थे, तो पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जमानत की अर्जी देने वाले टीटीएफ वासन यूट्यूबर हैं और यूट्यूब पर करीब 45 लाख लोग इन्हें फॉलो करते हैं. पुलिस ने कहा कि वे भले ही चेन्नई-वेल्लोर हाईवे पर दुर्घटना से बच गए होंगे, लेकिन वे करीब 20 लाख रुपये की बाइक पर चलते हैं और करीब 2 से 4 लाख रुपये के सेफ्टी सूट पहनते हैं. इसके बाद ये हाईवे पर स्टंट करके उसका वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करते हैं.

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वासन को देखकर बिगड़ रहे हैं युवक

पुलिस ने अपनी दलील में आगे कहा कि इनके इस प्रकार के वीडियो को देखकर इनको फॉलो करने वाले युवक अपने माता-पिता से दो लाख रुपये की बाइक खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं और फिर मोटरसाइकिल लेकर टीटीएफ वासन की तरह खतरनाक स्टंट करने के लिए निकल पड़ते हैं. पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि इनमें से कई युवक को पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए डकैती जैसे अपराध में शामिल थे. पुलिस ने कहा कि याचिकाकर्ता ने खुद को प्रचारित करने के लिए देश और राज्य के युवकों को भटकाने का प्रयास किया है और अदालत की ओर से उन्हें सबक दिया जाना चाहिए.

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अदालत ने टीटीएफ वासन की बाइक को जलाने का दिया आदेश

पुलिस की दलील सुनने के बाद जस्टिस कार्तिकेयन ने स्टंटबाज बाइकर टीटीएफ वासन की जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि उसे फिलहाल जेल में ही रहना चाहिए. इसके साथ ही, उन्होंने जेल के डॉक्टरों को ठीक ढंग से इलाज करने का निर्देश भी दिया. इसके अलावा, उन्होंने अपने सख्त आदेश में कहा कि टीटीएफ वासन के यूट्यूब चैनल को बंद कर दिया जाए और उनकी बाइक को जला दिया जाए.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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