Lifetime vs 5 Year Road Tax: कार खरीदना आज भी लाखों लोगों का सपना होता है. लेकिन सिर्फ कार खरीद लेना ही कहानी का अंत नहीं है. असली खर्च तो उसके बाद शुरू होता है. पेट्रोल-डीजल, सर्विसिंग, इंश्योरेंस, मेंटेनेंस और टैक्स. एक गाड़ी अपने पूरे जीवन में कई तरह के खर्च मांगती है. इसी दौरान एक ऐसा सवाल आता है, जहां अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं. यही कि कार का टैक्स लाइफटाइम भरें या फिर 5 साल वाला ऑप्शन चुनें.
कई लोगों को लगता है कि लाइफटाइम टैक्स देना ज्यादा बेहतर है, क्योंकि एक बार पैसा भरने के बाद बार-बार टेंशन नहीं रहती. वहीं कुछ लोग 5 साल वाला ऑप्शन चुनते हैं ताकि शुरुआत में ज्यादा बड़ा खर्च न करना पड़े. अब असली सवाल यही है कि आखिर आपके लिए कौन-सा ऑप्शन ज्यादा फायदे का रहेगा? आइिए आसान शब्दों में समझते हैं दोनों का पूरा गणित, ताकि कार खरीदते समय आप बिना कन्फ्यूजन के सही फैसला ले सकें.
लाइफटाइम टैक्स किसके लिए फायदेमंद है?
अगर आप अपनी कार को लंबे समय तक, यानी 10 साल या उससे ज्यादा रखने का प्लान बना रहे हैं, तो लाइफटाइम टैक्स (LTT) आपके लिए ज्यादा फायदेमंद है. एक बार टैक्स भरने के बाद बार-बार रोड टैक्स रिन्यू कराने की झंझट खत्म हो जाती है. इससे आगे चलकर काफी सुविधा मिलती है.
सिर्फ यही नहीं, अगर आप बीच में कार बेचने का सोचते हैं, तो लाइफटाइम टैक्स वाली गाड़ी की रीसेल वैल्यू भी बेहतर मानी जाती है. खासकर उन लोगों के लिए यह ऑप्शन ज्यादा सही रहता है, जो लंबे समय तक उसी राज्य में रहने वाले हैं जहां गाड़ी रजिस्टर करवाई गई है.
5 साल वाला टैक्स ऑप्शन किसके लिए फायदेमंद है?
अगर आप कार को कुछ ही सालों में बेचने का सोच रहे हैं, या फिर आपकी नौकरी ऐसी है जिसमें अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य ट्रांसफर होने के चांस रहते हैं, तो 5 साल वाला टैक्स ऑप्शन आपके लिए ज्यादा बढ़िया रहेगा है. इससे आपको एक साथ भारी रकम नहीं चुकानी पड़ती और भविष्य में राज्य बदलने की स्थिति में टैक्स से जुड़ी परेशानियां भी कम हो जाती हैं.
यह भी पढ़ें: क्लच की लाइफ बढ़ानी है तो तुरंत छोड़ दें ये आदतें, नहीं तो जेब पर पड़ेगा असर
