भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने Light Electric-Vehicle Acceleration Forum (LEAF) की शुरुआत की है. यह इंडस्ट्री-लीड कंसोर्टियम (उद्योग-नेतृत्व वाला संघ) खासतौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और इंटरऑपरेबिलिटी (अलग-अलग सिस्टम की साथ मिलकर काम करने और डेटा शेयर करने की क्षमता) सुधारने पर काम करेगा. Heavy Industries मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस पहल को लॉन्च करते हुए कहा कि यह भारत को भविष्य-तैयार और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है.
EV इकोसिस्टम को मजबूती
LEAF एक न्यूट्रल प्लैटफॉर्म होगा, जहां OEMs, चार्जिंग ऑपरेटर्स, कंपोनेंट मेकर्स और टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स एक साथ काम करेंगे. इसका मकसद है कि EV चार्जिंग नेटवर्क ज्यादा भरोसेमंद बने और पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों तक आसान पहुंच मिले.
LECCS और यूनिफाइड चार्जिंग स्टैंडर्ड
इस पहल के तहत Light Electric Combined Charging System (LECCS) विकसित किया जा रहा है, जिसे Bureau of Indian Standards ने मंजूरी दी है. यह सिस्टम स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को सपोर्ट करेगा और एक यूनिफाइड कनेक्टर स्टैंडर्ड देगा, जिससे हर चार्जिंग स्टेशन पर यूजर को एक जैसा अनुभव मिलेगा.
LEAF: इंडस्ट्री की भागीदारी
फोरम में अभी तक 20 से ज्यादा कंपनियां जुड़ चुकी हैं, जिनमें वाहन निर्माता, चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटर्स और सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर्स शामिल हैं. आने वाले समय में और भी कंपनियों के जुड़ने की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि EV अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए चार्जिंग नेटवर्क की खामियों को दूर करना बेहद जरूरी है.
LEAF: भारत के लिए महत्व
LEAF पहल न सिर्फ EV चार्जिंग को आसान बनाएगी बल्कि कार्बन उत्सर्जन घटाने और सतत परिवहन को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी. सरकार और इंडस्ट्री का यह सहयोग भारत को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने वाला साबित हो सकता है.
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