क्या बाइक की चेन ढीली होने से माइलजे पर होता है असर? जानें इसके पीछे की वजह

क्या आप जानते हैं कि आपकी बाइक की चेन सीधे आपके माइलेज को प्रभावित करती है? जानें कि चेन का सही टाइटनेस क्यों ज़रूरी है और ढीली या ज़्यादा टाइट चेन से कैसे बचें.

देश में करोड़ों लोगों के हाथों में बाइक की चाभी होती है, जिससे वो अपनी दिनचर्या को पूरा करते हैं. खासकर ऑफिस, मार्केट या कहीं दूर काम लिए आने-जाने वाले लोग रोजाना बाइक का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हर राइडर की यह इच्छा होती है कि उसके पास बेहतर माइलेज देने वाली बाइक हो. कई बार मोटरसाइकिल चलाने वाले राइडर पेट्रोल, टायर या इंजन ऑयल पर ध्यान देते हैं, लेकिन उसमें लगे चेन को अनदेखा कर देते हैं. छोटी-सी ये भूल आपकी गाड़ी के इंजन पर असर डालता है. कुछ कन्फ्यूज रहते हैं कि चेन को ढीली रखें या टाइट. आइए इसके बारे में हम आपको बताते हैं.

क्या बाइक की चेन से माइलेज पर असर होगा?

बाइक में लगने वाली चेन का एक प्रमुख काम इंजन से निकलने वाली पावर को पीछे वाली पहिए तक पहुंचाना होता है. यदि बाइक की चेन सही टेंशन में हो और उसपे ऊपर पर्याप्त लुब्रिकेशन हो, तो ऐसे में पावर का ट्रांसफार्मर आसानी से होता है. लेकिन अगर चेन जरूरत से ज्यादा टाइट या ढीली हो, तो इस स्थिति में घर्षण बढ़ने लगता है. उसके बाद इंजन को बाइक चलाने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है. ऐसे में फ्यूल ज्यादा खर्च होने लगता है जिसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है. 

क्या सूखी या जंग लगी चेन से भी माइलेज होगा कम?

यदि आपकी बाइक की चेन में जंग लग गई है या पूरी तरह से सूखी हुई है, तो इसका असर भी माइलेज पर पड़ सकता है. ऐसा इसलिए होने लगता है, क्योंकि सूखी, जंग लगी या गंदगी से भरी चेन पावर ट्रांसफर पर असर डालती है. ऐसा होने से बाइक की स्मूदनेस कम होने लगता है और परफॉर्मेंस खराब होती है. 

Bike की ढीली चेन की पहचान कैसे करें?

यदि बाइक की चेन ढीली है या नहीं इसकी पहचान करने में आपको दिक्कत आ रही है, तो बाइक राइड करते समय ध्यान दें. राइडिंग के दौरान पीछे से आवाज आने लगे या गियर चेंज करते वक्त झटका महसूस हो, तो यह चेन ढीली होने का संकेत हो सकता है. इसके अलावा एक्सिलेटर के बाद भी गाड़ी स्मूद से नहीं चले तो यह चेन ढीली होने का संकेत है. इसकी जांच करने के लिए डबल स्टैंड पर बाइक खड़ी करें और चेन को हाथों से पकड़कर ऊपर-नीचे करके देखें. अगर जरूरत से ज्यादा चेन लटक रही या कवर से टच हो रही है, तो उसे ठीक करने की जरूरत पड़ सकती है. 

बाइक की चेन ज्यादा टाइट होने से घटेगा माइलेज?

कुछ राइडर की यह सोच रहती है कि बाइक की चेन को टाइट रखने से इंजन सही काम करेगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है. जरूरत से ज्यादा टाइट चेन गियरबॉक्स और बेरिंग पर ज्यादा दवाब डालती है. ऐसा होने से चेन ज्यादा घिसती है और लंबे समय तक यह होने से टूटने का डर भी होता है. इसलिए कंपनी की ओर से दिए गए निर्देश के हिसाब से ही चेन की टेंशन रखनी चाहिए. 

इन गलतियों से भी घट सकता है माइलजे 

चेन ढीली या टाइट के अलावा कुछ और गलतियों के चलते भी बाइक का माइलेज कम होने का डर रहता है. बार-बार तेज एक्सीलरेशन, गलत गियर के साथ गाड़ी आगे बढ़ाना, ओवरलोड लेकर चलना और अचानक ब्रेक लगा देने से इंजन पर अधिक प्रेशर पड़ता है. ऐसे में लो एयर प्रेशर वाले टायर, डैमेज स्पार्क प्लग, समय पर इंजन ऑयल में बदलाव या डर्टी एयर फ़िल्टर पर ध्यान न देना माइलेज कम होने की बड़ी वजह बन सकती है. 

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लेखक के बारे में

By Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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