Tata EV ने फिर मारी बाजी, पेट्रोल-डीजल को टक्कर दे रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है. अप्रैल 2026 में EV कार बिक्री 75% बढ़ी, जबकि दोपहिया और कमर्शियल सेगमेंट में भी मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई.

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का ट्रेंड अब सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से हकीकत बनता जा रहा है. अप्रैल महीने के आंकड़े इस बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश करते हैं, जहां इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों (EV) की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. बढ़ती जागरूकता, बेहतर मॉडल्स और सरकारी सपोर्ट के चलते अब लोग पारंपरिक पेट्रोल-डीजल कारों से इलेक्ट्रिक विकल्प की ओर तेजी से शिफ्ट कर रहे हैं.

EV कार बिक्री में रिकॉर्ड तेजी

ऑटो डीलर्स संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स के मुताबिक, अप्रैल में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की बिक्री 75% से ज्यादा बढ़कर 23,506 यूनिट तक पहुंच गई.

पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा करीब 13,400 यूनिट के आसपास था. यह तेज बढ़त दिखाती है कि EV सेगमेंट अब मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.

कौन सी कंपनियां रहीं आगे?

इस तेजी के बीच Tata Motors ने सबसे ज्यादा बिक्री के साथ अपनी लीड बरकरार रखी. कंपनी ने अप्रैल में 8,500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेचीं.

दूसरे स्थान पर Mahindra & Mahindra रही, जबकि JSW MG Motor India तीसरे नंबर पर रही.

यह मुकाबला साफ दिखाता है कि EV मार्केट में अब कई खिलाड़ी मजबूत हो चुके हैं.

दोपहिया EV सेगमेंट भी पीछे नहीं

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में भी जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है. अप्रैल में इसकी बिक्री करीब 60% बढ़कर 1.48 लाख यूनिट के पार पहुंच गई.

इस सेगमेंट में TVS Motor Company सबसे आगे रही, जबकि Bajaj Auto और Ather Energy ने भी मजबूत प्रदर्शन किया.

थ्री-व्हीलर और कमर्शियल EV का बढ़ता दायरा

इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की बिक्री में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़त देखने को मिली, जो छोटे व्यापार और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए अहम है.

वहीं, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में बड़ी छलांग देखने को मिली है. यह संकेत देता है कि लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर भी अब तेजी से इलेक्ट्रिक की ओर बढ़ रहा है.

क्या बदल रहा है भारत का ऑटो बाजार?

EV सेगमेंट की यह ग्रोथ बताती है कि भारत में ऑटो इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है.

सरकारी नीतियां, बढ़ते फ्यूल प्राइस और नई टेक्नोलॉजी मिलकर इस बदलाव को गति दे रहे हैं.

हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कीमत अभी भी चुनौतियां हैं, लेकिन मौजूदा ट्रेंड दिखाता है कि आने वाले समय में EV का दबदबा और बढ़ सकता है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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