क्या आपकी कार E20 पेट्रोल के लिए तैयार है? फ्यूल भरवाने से पहले चेक करें ये 4 चीजें

देशभर में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ने के बाद कई कार मालिक जानना चाहते हैं, कि उनकी गाड़ी इस फ्यूल को सपोर्ट करती है या नहीं. ऐसे में फ्यूल लिड पर E20 का निशान, ओनर मैनुअल, VIN नंबर और कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट की मदद से कार की E20 कम्पैटिबिलिटी आसानी से चेक की जा सकती है.

भारत में पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल अब आम हो गया है. ऐसे में कार मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी गाड़ी इस फ्यूल को सपोर्ट करती है या नहीं. खासकर Maruti Suzuki, Hyundai और Tata Motors समेत दूसरी कंपनियों की पुरानी और नई कार चलाने वाले लोग अपनी गाड़ी की E20 कम्पैटिबिलिटी को लेकर जानकारी तलाश रहे हैं. अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो इसका पता लगाना काफी आसान है. कुछ आसान तरीकों से आप खुद चेक कर सकते हैं कि आपकी कार E20 पेट्रोल के लिए तैयार है या नहीं.

आखिर क्या है E20 पेट्रोल?

E20 एक तरह का ब्लेंडेड फ्यूल है, जिसमें 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल मिला होता है. इथेनॉल को गन्ने और अनाज जैसी चीजों से बनाया जाता है. E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से विदेशों से मंगाए जाने वाले कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को घटाने में मदद मिल सकती है.

फ्यूल लिड पर चेक करें E20 का निशान

कार की E20 कम्पैटिबिलिटी जांचने का सबसे आसान तरीका फ्यूल लिड को देखना है. कार की फ्यूल लिड खोलें और फिलर कैप के आसपास ध्यान से देखें. नई E20 कम्पैटिबल कारों में आमतौर पर यहां E20 लिखा हुआ स्टिकर या निशान दिया जाता है. अगर आपको E20 की मार्किंग दिखाई देती है, तो इसका मतलब है कि कंपनी ने आपकी कार को 20% इथेनॉल वाले पेट्रोल के इस्तेमाल के लिए तैयार किया है.

ओनर मैनुअल में मिलेगी सही जानकारी

अगर फ्यूल लिड पर E20 का स्टिकर या निशान नहीं मिलता है, तो कार के साथ मिले ओनर मैनुअल को चेक करें. इसमें Fuel या Fuel and Lubricants नाम का सेक्शन होता है, जहां कंपनी बताती है कि कार में किस तरह का पेट्रोल इस्तेमाल किया जा सकता है. यह तरीका खासतौर पर उन कारों के लिए काम का है, जिनकी फ्यूल लिड पर कोई साफ मार्किंग नहीं दी गई है.

VIN नंबर से भी कर सकते हैं पता

अगर फ्यूल लिड और ओनर मैनुअल दोनों से सही जानकारी नहीं मिल रही है, तो कार के VIN या चेसिस नंबर की मदद लें. यह नंबर कार की RC, विंडस्क्रीन के पास या ड्राइवर साइड के डोर फ्रेम पर मिल सकता है. इस नंबर को लेकर कार कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर (Authorized Service Center) या डीलरशिप से कॉन्टेक्ट करें. कंपनी के रिकॉर्ड में आपकी कार के मॉडल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी जानकारी होती है, जिसके आधार पर बताया जा सकता है कि गाड़ी E20 पेट्रोल के लिए कम्पैटिबल है या नहीं.

कंपनी की वेबसाइट पर भी करें जांच

कई कार कंपनियां अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर E20 फ्यूल से जुड़ी जानकारी देती हैं. कुछ कंपनियां मॉडल और मैन्युफैक्चरिंग ईयर के आधार पर भी बताती हैं कि कौन सी कारें E20 कम्पैटिबल हैं. यह तरीका पुरानी कारों के मालिकों के लिए ज्यादा काम का हो सकता है, क्योंकि समय के साथ फ्यूल लिड पर लगा स्टिकर मिट या खराब हो सकता है.

क्यों जरूरी है E20 कम्पैटिबिलिटी की जांच?

E20 कम्पैटिबल कारों के इंजन और फ्यूल सिस्टम में ऐसे पार्ट्स इस्तेमाल किए जाते हैं, जो ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल के साथ काम करने के लिए तैयार होते हैं. इसलिए इन कारों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है. हालांकि, पुरानी कारें जो E10 पेट्रोल को ध्यान में रखकर तैयार की गई थीं, उनमें लंबे समय तक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ रबर और फ्यूल सिस्टम से जुड़े पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं. इसलिए किसी तरह का अंदाजा लगाने के बजाय अपनी कार का ओनर मैनुअल देखना या कंपनी के सर्विस सेंटर से इसकी पुष्टि करना बेहतर है.

ये भी पढ़ें: E20 पेट्रोल को लेकर Mahindra ने दूर किया कन्फ्यूजन, पुरानी और नई गाड़ियों पर कही ये बात


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

शिवानी शाह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में वह कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह स्मार्टफोन्स, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, बायर्स गाइड और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं.

टेक्नोलॉजी सेक्टर में शिवानी शाह की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च/रिव्यूज, गैजेट रिव्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, बायर्स गाइड, टेलीकॉम अपडेट्स, AI टूल्स/फीचर्स और ट्रेंडिंग टेक टॉपिक्स से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वह नई कार/बाइक/स्कूटर्स की लॉन्चिंग, गाड़ियों के फीचर्स, बायर्स गाइड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ट्रेंडिंग ऑटो टॉपिक्स और अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर सिर्फ लॉन्च और फीचर्स की जानकारी तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को यह भी समझ आए कि वह उनके लिए कितनी काम की है.

शिवानी शाह ने साल 2020 में करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और साल 2024 में अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

शिवानी का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करती हैं. इसलिए वह हर खबर को अच्छी तरह रिसर्च करके, आसान भाषा में और सही जानकारी के साथ लिखती हैं, ताकि हर उम्र के पाठक उसे आसानी से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >