कहीं चलती हुई CNG कार न बन जाए आग का गोला, इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

बढ़ते पेट्रोल-डीजल दामों के बीच CNG कारों की मांग बढ़ी है. लेकिन, सीएनजी कार चलाते समय बरती गई छोटी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है. आग लगने जैसी घटनाओं से बचने के लिए इन 5 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

देश में बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों के चलते लोग CNG वेरिएंट कारों की ओर बढ़ रहे हैं. सीएनजी फिटेड गाड़ियों को खरीदना लोग पसंद कर रहे हैं. यदि आपके पास भी सीएनजी वाली कार है या नया खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इस मॉडल वाली कारों में आपकी एक छोटी से भूल या लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है. आजकल ऐसा सुनने को भी मिलता है, जिसमें चलती हुई सीएनजी कार आग का गोला बन गई. कहीं ऐसा आपके साथ न हो जाए, उससे पहले 5 बातों को दिमाग मे बैठा लें. यहां हम आपको उन चीजों के बारे में बताएंगे, जो आपको माइंड करने की जरूरत है.

CNG कार में नया जुगाड़ से बचें 

अक्सर कुछ लोग अपनी सीएनजी कार की माइलेज बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ नया जुगाड़ करने लग जाते हैं, लेकिन ऐसा करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. आप अपनी कार में हमेशा रेजिस्टर्ड सीएनजी किट ही लगवानी चाहिए, जिससे कार में आग लगने या कुछ अनहोनी होने का खतरा नहीं रहेगा.

हमेशा ब्रांडेड एक्सेसरीज लगवाएं 

यदि आपके पास एक सीएनजी फिटेड कार है, तो उसमें सस्ती एक्सेसरीज लगवाने से बचें. ये चीजें आगे जाकर आपकी गाड़ी के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं. कम पैसे वाली सस्ती एक्सेसरीज लगवाने के बजाय ब्रांडेड चीजों का इस्तेमाल कराएं, इससे आपके पैसे थोड़े अधिक खर्च हो सकते हैं, लेकिन आपकी कार सुरक्षित रहेगी. 

CNG टैंक को फुल करने से बचें 

देश में कई जगहों पर ऐसा होता कि पेट्रोल पंप पर सीएनजी खत्म हो जाती है और वाहन चालकों को या तो लंबी लाइन में लगनी पड़ती है या फिर घंटों इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में कुछ चालक मौका मिलते ही टैंक फुल करवा लेते हैं, ताकि उन्हे परेशानी न हो. हालांकि, ऐसा करना भी आपके लिए डेंजरस हो सकता है. कभी भी टैंक में फुल सीएनजी नहीं भरवाएं. आपके एरिया का तापमान ज्यादा है, तो उससे टंकी में प्रेशर बढ़ता है और फटने का डर होता है.

गैस स्टेशन पर कार को चालू न रखें 

आप अपनी सीएनजी कार को लेकर कभी भी गैस स्टेशन पर जाएं, तब उसे चालू न रखें. उसके इंजन को ध्यान से बंद कर दें. इसके अलावा यदि आपकी गाड़ी में लोग बैठे हैं तो उन्हें फौरन बाहर उतरने के लिए बोलें. ऐसा इसलिए किया जाना चाहिए, ताकि गैस डलवाने के समय एक छोटी-सी चिंगारी कहीं आग का रूप न धर ले.

गाड़ी में बैठकर स्मोकिंग न करें 

यदि आप एक सीएनजी किट वाली कार में सफर कर रहे हैं तो कभी भी उसके अंदर बैठकर स्मोकिंग न करें. ऐसा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है. CNG गाड़ी के अंदर ही ट्रंक होती है, जो पूरी तरह गैस से भरा हुआ रहता है. इसे हल्की सी चिंगारी मिल गई, तो कार को आग का गोला बना सकती है. 

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लेखक के बारे में

Published by: Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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