Google Play Store से हुई इन ऐप्स की छुट्टी, अगर आपके फोन में हैं तो तुरंत करें अनइंस्टॉल

Google banned 43 apps from Play Store - गूगल ने अपने प्ले स्टोर से कुल 43 ऐप्स को डिलीट कर दिया है. इन ऐप्स को बैन कर दिये जाने के बाद अब गूगल इन सभी को मॉनीटर नहीं करेगा. ऐसे में अगर आपके स्मार्टफोन में इनमें से कोई भी ऐप है तो इन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर दें.

Google Play Store Banned Apps : गूगल ने अपने प्ले स्टोर से 43 ऐप्स को बैन कर दिया है. ऐसे में अगर आप ने इन ऐप्स को अपने स्मार्टफोन पर इंस्टॉल करके रखा है, तो हम आपसे तुरंत इन्हें डिलीट करने की सलाह देंगे.

गूगल ने अपने प्ले स्टोर से कुल 43 ऐप्स को डिलीट कर दिया है. इन ऐप्स को बैन कर दिये जाने के बाद अब गूगल इन सभी को मॉनीटर नहीं करेगा. ऐसे में अगर आपके स्मार्टफोन में इनमें से कोई भी ऐप है तो इन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर दें.

अपने स्मार्टफोन से अगर आप समय रहते इन ऐप्स को डिलीट नहीं करते हैं तो आने वाले समय में आपको काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें इस मामले में गूगल ने सभी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है.

गूगल के प्लैटफॉर्म से हटाये जाने से पहले इन ऐप्स को 25 लाख बार डाउनलोड किया गया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो गूगल ने इन सभी ऐप्स को प्लैटफॉर्म से हटाये जाने के पीछे कंपनी की पॉलिसी के उल्लंघन को वजह बताया है.

रिपोर्ट्स की मानें, तो कई ऐसे ऐप्स की पहचान की गई, जो डिवाइस की स्क्रीन बंद होने के बाद विज्ञापन लोड करते थे. इससे स्मार्टफोन की बैटरी काफी जल्द समाप्त हो जाती थी और इसे लेकर कई यूजर्स ने शिकायत भी दर्ज की थी. ये ऐप्स डेटा खपत भी बढ़ा देते थे.

गूगल ने प्ले स्टोर से जिन ऐप्स को रिमूव किया है, उनमें टीवी/डीएमबी प्लेयर, म्यूजिक डाउनलोडर, न्यूज और कैलेंडर जैसे कई ऐप्स शामिल हैं. ये सभी मीडिया स्ट्रीमिंग ऐप्स हैं जो यूजर्स को टारगेटेड ऐड दिखाते हैं. इनमें कई ऐप्स को यूजर्स का पर्सनल डेटा लीक करने का भी जिम्मेदार पाया गया था.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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