Electric Scooter Fire: आपकी एक गलती बना सकती है EV को आग का गोला

Electric Scooter Fire: इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं. जानिए इसके पीछे के कारण, बैटरी सुरक्षा के उपाय और सही चार्जिंग तकनीक जिससे आप सुरक्षित रह सकते हैं.

Electric Scooter Fire: हाल के दिनों में इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं और निर्माताओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इन घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें बैटरी की खराबी, तकनीकी गड़बड़ी, और गर्मी के कारण ओवरहीटिंग शामिल हैं.

इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्यों लग जाती है आग?

बैटरी की खराबी – लिथियम-आयन बैटरी में थर्मल रनअवे की समस्या हो सकती है, जिससे अत्यधिक गर्मी पैदा होती है और आग लग सकती है

तकनीकी गड़बड़ी – खराब वायरिंग, सस्ते कंपोनेंट्स और असुरक्षित बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) आग का कारण बन सकते हैं

ओवरचार्जिंग और गलत चार्जिंग – बैटरी को अत्यधिक चार्ज करने या गलत चार्जर का उपयोग करने से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है

गर्मी और पर्यावरणीय प्रभाव – अत्यधिक गर्मी में स्कूटर का उपयोग करने से बैटरी ओवरहीट हो सकती है, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है.

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इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग से बचने के उपाय क्या हैं?

सही चार्जिंग तकनीक अपनाएं – हमेशा निर्माता द्वारा अनुशंसित चार्जर का उपयोग करें और ओवरचार्जिंग से बचें

बैटरी की देखभाल करें – बैटरी को ठंडी और सूखी जगह पर रखें और गर्मी में सीधे धूप से बचाएं

सुरक्षित पार्किंग स्थान चुनें – स्कूटर को छायादार जगह में पार्क करें और गर्मी में लंबे समय तक खड़ा न रखें

नियमित सर्विसिंग कराएं – बैटरी और वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं ताकि किसी भी खराबी को समय रहते ठीक किया जा सके

गुणवत्तापूर्ण स्कूटर खरीदें – हमेशा प्रमाणित और विश्वसनीय ब्रांड से स्कूटर खरीदें, जो सुरक्षा मानकों का पालन करते हों.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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