भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा माना जाता है. जब भी सड़क की बात होती है, दो शब्द सबसे पहले आते हैं – हाईवे और एक्सप्रेसवे. आम लोग इन पर रोज सफर करते हैं, लेकिन दोनों के बीच का असली अंतर अक्सर स्पष्ट नहीं होता. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.
राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway)
राष्ट्रीय राजमार्ग देश के बड़े शहरों, राज्य की राजधानियों, बंदरगाहों और अहम जगहों को जोड़तेहैं. इनका निर्माण और देखरेख सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा NHAI करती है.
- भारत में 200 से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1.3 लाख किलोमीटर है.
- ये दो लेन, चार लेन या उससे अधिक चौड़े हो सकते हैं.
- कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा तय है.
- सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 है, जो श्रीनगर से कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किमी फैला है.
एक्सप्रेसवे (Expressway)
एक्सप्रेसवे आधुनिक और हाईवे से कहीं अधिक उन्नत सड़कें होती हैं.
- एक्सप्रेसवे में आमतौर पर 6 से 8 लेन होती हैं.
- इन पर कंट्रोल्ड ऐक्सेस होता है यानी प्रवेश और निकास केवल तय पॉइंट्स से ही संभव है.
- बीच में छोटे रास्तों का सीधा जुड़ाव नहीं होता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है.
- एक्सप्रेसवे पर सर्विस लेन, फ्लाईओवर, अंडरपास और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम मौजूद रहते हैं.
- कारों के लिए गति सीमा 120 किमी/घंटा तक हो सकती है.
- दोपहिया वाहनों का प्रवेश अधिकांश एक्सप्रेसवे पर पूरी तरह प्रतिबंधित है. नियम तोड़ने पर ₹20,000 तक का जुर्माना या वाहन जब्त भी हो सकता है.
- इसका प्रमुख उदाहरण है : आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जिसकी लंबाई लगभग 302 किमी है.
हाईवे और एक्सप्रेसवे: मुख्य अंतर क्या हैं?
- ऐक्सेस कंट्रोल: हाईवे पर कई छोटे रास्ते जुड़ते हैं, जबकि एक्सप्रेसवे पर केवल निर्धारित एंट्री-एग्जिट पॉइंट होते हैं.
- सुरक्षा और चौड़ाई: एक्सप्रेसवे ज्यादा चौड़े, सुरक्षित और तेज रफ्तार यात्रा के लिए बनाये जाते हैं.
- वाहन नियम: हाईवे पर दोपहिया चलते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे पर आमतौर पर इनकी अनुमति नहीं होती.
ड्राइविंग नियम
- हाईवे पर गति सीमा का पालन करें और छोटे कस्बों से गुजरते समय सावधानी बरतें.
- एक्सप्रेसवे पर लेन अनुशासन और निर्धारित प्रवेश-निकास का पालन अनिवार्य है.
- दोनों ही सड़कों पर ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में गाड़ी चलाना गंभीर अपराध माना जाता है.
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