CNG, हाइब्रिड और EV का दबदबा: पेट्रोल कारों से छीना नंबर-1 का ताज, अगस्त 2026 में पहली बार 41.95% हुई हिस्सेदारी

अगस्त 2026 में कारों की बिक्री में एक अहम बदलाव आया है. सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने मिलकर पेट्रोल को पीछे छोड़ दिया है, जिसकी कुल हिस्सेदारी 41.95% रही. जानें इस बदलाव की वजहें और आपके लिए इसका क्या मतलब है.

अगस्त 2026 में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक से चलने वाली कारों की कुल हिस्सेदारी पैसेंजर व्हीकल (PV) रिटेल बिक्री में 41.95% रही. इसने पेट्रोल कार की 40.85% हिस्सेदारी को पीछे छोड़ दिया, यह जानकारी फाडा (FADA) के रिटेल डेटा से मिली है. ठीक एक साल पहले तक पेट्रोल कार लगभग 11% पॉइंट आगे थी, यानी यह बदलाव कोई धीरे-धीरे होने वाला बदलाव नहीं है. यह एक ही साल के भीतर हुआ बड़ा चेंज है जो बताता है कि भारतीय ग्राहक शोरूम में किस तरह की कार चुन रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस आंकड़े के पीछे क्या वजह है और अगर आप इस त्योहारी सीजन में कार खरीदने जा रहे हैं तो आपके लिए इसके क्या मायने हैं.

सीएनजी, हाइब्रिड और EV का दबदबा: अगस्त 2026 बिक्री आंकड़े

उस 41.95% हिस्सेदारी को अलग करके देखें तो इसमें सबसे बड़ा योगदान सीएनजी का है, जिसकी हिस्सेदारी 25.28% रही. इसके बाद हाइब्रिड की 9.04% और ईवी (EV) की 7.63% हिस्सेदारी रही. डीजल 17.21% पर इन सबसे पीछे रह गया है और इसकी मांग लगातार घट रही है. अकेला पेट्रोल अब भी सबसे बड़ा फ्यूल टाइप बना हुआ है, लेकिन अब बढ़त बहुत कम रह गई है और बाकी सभी ऑप्शनंस को मिला दें तो यह पीछे हो जाता है.

पावरट्रेन / फ्यूल टाइप हिस्सेदारी
पेट्रोल/एथेनॉल40.85%
CNG/LPG25.28%
हाइब्रिड9.04%
इलेक्ट्रिक (EV)7.63%
डीजल17.20%
CNG + हाइब्रिड + EV41.95%

पेट्रोल से लोग क्यों बना रहे हैं दूरी?

फाडा ने इस बदलाव के पीछे दो मुख्य वजहें बताई हैं. पहली यह कि ग्राहक अब कार के रनिंग कॉस्ट यानी चलने के खर्च को देखकर फैसला ले रहे हैं. दूसरी वजह E20 एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के रोलआउट को लेकर ग्राहकों के मन में बनी हिचकिचाहट है, जो उन्हें पूरी तरह पेट्रोल कार खरीदने से रोक रही है.

ये भी पढ़ें: Citroen AircrossX और BasaltX के नए वेरिएंट हुए लॉन्च, e-C3X की रेंज बढ़कर हुई 330 Km

कार बिक्री में बना नया रिकॉर्ड

कुल पैसेंजर व्हीकल के आंकड़े भी इस बात का सबूत देते हैं. अगस्त में कुल पैसेंजर व्हीकल की रिटेल बिक्री 4.02 लाख यूनिट के पार पहुंच गई, जो साल-दर-साल के हिसाब से 16.14% ज्यादा है. यह पहली बार है जब किसी अगस्त के महीने में बिक्री ने 4 लाख का आंकड़ा पार किया है. इसमें ग्रामीण इलाकों के खरीदार आगे रहे, जहां बिक्री 24.99% बढ़ी, जबकि शहरी बाजारों में यह बढ़त 10.93% रही. यह अंतर फाडा के उस महीने के लगभग हर आंकड़े में दिखाई देता है.

ये भी पढ़ें: त्योहारी सीजन से ठीक पहले Maruti Suzuki ने बढ़ाए दाम, चुनिंदा कार मॉडल्स पर होगी ₹20 हजार तक की बढ़ोतरी

त्योहारी सीजन में कार खरीदारों को मिलेगा डिस्काउंट का मौका

अगर आप अभी कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके काम की एक प्रैक्टिकल जानकारी है. अगस्त के अंत तक डीलरों के पास पैसेंजर व्हीकल का स्टॉक बढ़कर 38-40 दिनों का हो गया था, जो फाडा के 21 दिनों के सामान्य स्तर से काफी ज्यादा है. लगभग 56% डीलरों के पास सामान्य से ज्यादा स्टॉक पड़ा हुआ था. इसके साथ ही सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी मॉडल की बढ़ती मांग को देखते हुए इस बात की पूरी उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में डीलर इन खास वेरिएंट्स पर ज्यादा डिस्काउंट या मोलभाव करने के लिए तैयार होंगे.

GST इफेक्ट और फ्यूचर रोडमैप 

हालांकि, एक बात ध्यान रखने वाली है. फाडा ने खुद सतर्क किया है कि इस साल की बड़ी बढ़त का एक कारण पिछला साल यानी अगस्त 2025 का कमजोर होना भी है, क्योंकि तब लोग जीएसटी 2.0 (GST 2.0) रेट कट के इंतजार में खरीदारी टाल रहे थे. आने वाले महीनों में जब यह अंतर सामान्य होगा, तब देखना होगा कि क्या ऑप्शनल फ्यूल कार अपनी बढ़त बनाए रखती हैं या पेट्रोल फिर से वापसी करता है. यह तो आने वाले महीनों का रिटेल डेटा ही साफ कर पाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >