शहर में कार ज्यादा पेट्रोल पीती है, लेकिन हाईवे पर क्यों कम? जानिए असली वजह

City vs Highway Fuel Economy: कभी आपने ध्यान दिया है कि जब आप हाईवे पर कार चलाते हैं तो फ्यूल कम खर्च होता है, लेकिन जैसे ही शहर की ट्रैफिक में फंसते हैं, पेट्रोल तेजी से खत्म होने लगता है? ऐसा लगभग हर ड्राइवर के साथ होता है. असल में इसके पीछे सिर्फ ड्राइविंग नहीं, […]

City vs Highway Fuel Economy: कभी आपने ध्यान दिया है कि जब आप हाईवे पर कार चलाते हैं तो फ्यूल कम खर्च होता है, लेकिन जैसे ही शहर की ट्रैफिक में फंसते हैं, पेट्रोल तेजी से खत्म होने लगता है? ऐसा लगभग हर ड्राइवर के साथ होता है. असल में इसके पीछे सिर्फ ड्राइविंग नहीं, बल्कि इंजन की काम करने की अलग-अलग कंडीशन होती हैं, जो शहर और हाईवे में काफी बदल जाती हैं. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.

रुकी हुई गाड़ी भी जलाती है पेट्रोल

जब आपकी कार ट्रैफिक में फंसी होती है या रेड लाइट पर खड़ी रहती है, तब भी इंजन लगातार फ्यूल जलाता रहता है. यानी गाड़ी चल नहीं रही होती, लेकिन पेट्रोल/डीजल खर्च हो रहा होता है. Energy Saving Trust के मुताबिक, इस सिचुएशन में फ्यूल की खपत तो होती है, लेकिन दूरी जीरो होती है. यही आपकी पूरी फ्यूल इकॉनमी को धीरे-धीरे खराब कर देता है.

स्टार्ट-अप में लगती है सबसे ज्यादा एनर्जी

जब कोई भारी गाड़ी पूरी तरह रुकी हुई कंडीशन से चलना शुरू करती है, तो उसे अचानक बहुत ज्यादा मैकेनिकल एनर्जी की जरूरत होती है. यही वजह है कि इसे ‘स्टार्ट-अप बर्स्ट’ भी कहा जा सकता है. ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शहरों में बार-बार रुकना और फिर तेजी से चलना (stop-and-start driving) फ्यूल की खपत को काफी बढ़ा देता है. इसके मुकाबले अगर गाड़ी एक बार चलकर लगातार एक स्थिर स्पीड पर चलती रहे, तो वह ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट होती है.

बार-बार ब्रेक लगाना बर्बाद करता है फ्यूल

जब आप गाड़ी को तेज करते हैं, तो इंजन फ्यूल जलाकर उसे आगे बढ़ाने की ताकत यानी मोमेंटम बनाता है. लेकिन RAC के अनुसार, शहर के ट्रैफिक में बार-बार अचानक ब्रेक लगाना इस कीमती ऊर्जा को पूरी तरह बर्बाद कर देता है. असल में, जो गति और ताकत आपने फ्यूल खर्च करके बनाई होती है, वो ब्रेक लगते ही बेकार हो जाती है और सिर्फ ब्रेक पैड्स में गर्मी बनकर खत्म हो जाती है.

RPM बढ़ने से बढ़ती है फ्यूल की खपत

जब आप भारी ट्रैफिक वाले शहर में ड्राइव करते हैं, तो आपकी गाड़ी अक्सर सिर्फ फर्स्ट या सेकंड गियर में ही चलती रहती है. ऐसे में स्पीड कम होने के बावजूद इंजन ज्यादा RPM पर चलता है. इसका सीधा असर ये होता है कि हर किलोमीटर में ज्यादा फ्यूल खर्च होता है और आपकी गाड़ी का पेट्रोल या डीजल जल्दी खत्म होने लगता है.

कॉन्स्टेंट स्पीड बचता है फ्यूल

हाईवे पर क्रूज करना सच में काफी एफिशिएंट होता है, क्योंकि एक बार गाड़ी चलने लगती है तो उसे उसी स्पीड पर बनाए रखना बहुत कम एनर्जी लेता है. ऑटोमोटिव इंजीनियर भी यही बताते हैं कि जब आप लगातार एक स्पीड पर चलते हैं, तो शहर में बार-बार एक्सीलरेशन करने की तुलना में फ्यूल की खपत बहुत कम हो जाती है.

हाई गियर में चलने से बचता है फ्यूल

जब आप एक बार खुली सड़क पर निकल जाते हैं, तो आपकी कार आसानी से अपने सबसे हाई गियर में शिफ्ट हो जाती है. जब कार 5वें या 6वें गियर में चलती है, तो इंजन कम RPM पर काम करता है, जिससे पेट्रोल की खपत काफी कम हो जाती है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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