आपकी इन गलतियों से घट जाती है बाइक इंजन की लाइफ, आज से ही हो जाएं अलर्ट

Bike Engine Maintenance Tips: छोटी-छोटी राइडिंग आदतें ही आपकी बाइक के इंजन की उम्र तय करती हैं. गलत तरीके से स्टार्ट करना, ऑयल बदलने में लापरवाही, हाई RPM या गलत गियर और क्लच का ज्यादा इस्तेमाल, ये सब धीरे-धीरे इंजन को नुकसान पहुंचाते हैं.

Bike Engine Maintenance Tips: अक्सर बाइक का इंजन जल्दी खराब होना किसी बड़ी मैकेनिकल दिक्कत की वजह से नहीं, बल्कि हमारी रोज की छोटी-छोटी आदतों का नतीजा होता है. आजकल इंजनों में बेहतर इंजीनियरिंग, मजबूत मटेरियल और अच्छी कूलिंग टेक्नोलॉजी दी जा रही है, फिर भी अगर इस्तेमाल सही तरीके से न हो, तो इंजन पर असर पड़ना तय है. इसलिए आज हम आपको ऐसी 5 आम गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कई बाइक मालिक आज भी अनजाने में करते रहते हैं.

ठंडे इंजन पर गलत तरीके से स्टार्ट करना

अक्सर लोग जल्दबाजी में बाइक या कार स्टार्ट करते ही तेज चलाने लगते हैं, जो इंजन के लिए सही नहीं है. जब इंजन ठंडा होता है, तब ऑयल पूरी तरह से हर हिस्से तक नहीं पहुंचा होता. ऐसे में पिस्टन और कैमशाफ्ट जैसे पार्ट्स को पर्याप्त लुब्रिकेशन नहीं मिल पाता. अगर आप इसी समय तेज राइडिंग करते हैं, तो घर्षण (friction) बढ़ता है और इंजन जल्दी घिसने लगता है. बेहतर यही है कि स्टार्ट करने के बाद कुछ सेकंड इंजन को स्थिर रहने दें और शुरुआती कुछ मिनट आराम से चलाएं.

समय पर ऑयल न बदलना

इंजन ऑयल को समय पर बदलना भी उतना ही जरूरी है, लेकिन कई लोग इसे टालते रहते हैं. धीरे-धीरे ऑयल गर्मी और गंदगी की वजह से अपनी क्वालिटी खो देता है. इससे उसकी लुब्रिकेशन और कूलिंग की क्षमता कम हो जाती है. ऐसे ऑयल के साथ गाड़ी चलाने से इंजन में घर्षण और टेम्परेचर बढ़ता है, जो धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है.

हाई RPM पर राइडिंग और गलत गियर में बाइक चलाना

अगर आप बाइक को बार-बार हाई RPM पर चलाते हैं, तो ये उसके इंजन पर एक्स्ट्रा लोड डालता है. क्रैंकशाफ्ट और वाल्व जैसे पार्ट्स पर लोड बढ़ जाता है. हां, इंजन हाई RPM झेल सकता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से गर्मी बढ़ती है और खासकर शहर के ट्रैफिक में, जहां बार-बार एक्सीलरेशन करना पड़ता है, इंजन जल्दी घिसने लगता है.

वहीं दूसरी तरफ, अगर आप कम स्पीड में ही बाइक को हाई गियर में चला रहे हैं (जिसे lugging कहते हैं), तो ये भी सही नहीं है. इससे इंजन पर जबरदस्ती का दबाव पड़ता है, क्नॉकिंग (knocking) की समस्या हो सकती है और अंदर के पार्ट्स पर ज्यादा लोड आता है. 

बहुत ज्यादा क्लच का इस्तेमाल करना

अब बात क्लच की करें, तो बहुत ज्यादा क्लच का इस्तेमाल खासकर आधा दबाकर ट्रैफिक में चलाना क्लच प्लेट्स को जल्दी खराब कर देता है. इससे हीट भी ज्यादा बनती है और बाइक की परफॉर्मेंस व माइलेज पर असर पड़ता है. कोशिश करें कि क्लच का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही करें.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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