Amul ने गीतांजलि श्री के बुकर पुरस्कार जीतने पर शेयर किया प्यारा-सा डूडल, देखें आप भी

गीतांजलि श्री अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका बन गई हैं. उन्हें उपन्यास 'टॉम्ब ऑफ सैंड' के लिए यह अवार्ड मिला है. अमूल ने इसपर ट्विटर पर डूडल शेयर कर लिखा है- जीतांजलि.

Geetanjali Shree Tomb of Sand, International Booker Prize 2022: अमूल हमेशा से समसामयिक विषयों पर खास अंदाज में अपनी बात रखता रहा है और अक्सर यह चर्चा का विषय बन जाता है. इस बीच अमूल ने अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री पर नया डूडल बनाकर लोगों का दिल जीत लिया है. अमूल ने ट्विटर पर डूडल शेयर कर लिखा है- जीतांजलि.

दरअसल, गीतांजलि श्री अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका बन गई हैं. उन्हें उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ के लिए यह अवार्ड मिला है. ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ विश्व के उन 13 पुस्तकों में शामिल था, जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए लिस्ट में शामिल किया गया था. ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली किसी भी भारतीय भाषा की पहली किताब बन गई है.

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली गीतांजलि श्री की यह पुस्तक मूल रूप से हिंदी में ‘रेत समाधि’ के नाम से प्रकाशित हुई थी. जिसका अंग्रेजी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’, डेजी रॉकवेल ने किया है और जूरी के सदस्यों ने इसे ‘शानदार और अकाट्य’ बताया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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