अपने ट्यूमर का 3डी प्रिंट करनेवाले छात्र को एेपल ने दी नौकरी

न्यूयॉर्क: तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ऐपल ने अपने ब्रेन ट्यूमर का 3डी प्रिंट बनाने वाले छात्र स्टीवन कीटिंग को नौकरी दी है. स्टीवन, अमेरिका के मेसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी)में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के शोध छात्र हैं. गूगल का नया फीचर Copyless Paste : बिना कॉपी किये पेस्ट होगा कंटेंट स्टीवन कीटिंग 2015 में उस […]

न्यूयॉर्क: तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ऐपल ने अपने ब्रेन ट्यूमर का 3डी प्रिंट बनाने वाले छात्र स्टीवन कीटिंग को नौकरी दी है. स्टीवन, अमेरिका के मेसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी)में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के शोध छात्र हैं.

गूगल का नया फीचर Copyless Paste : बिना कॉपी किये पेस्ट होगा कंटेंट

स्टीवन कीटिंग 2015 में उस वक्त चर्चा में आये थे, जब उन्होंने अपने खुद के ट्यूमर को समझने के लिए जटिल वैज्ञानिक अध्ययन कर कई बड़ी जानकारियां हासिल की थीं. कीटिंग के पास अपनी सेहत से जुड़ा करीब 75 गीगाबाइट का डाटा है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें ऐपल ने किस विभाग में नियुक्ति दी है.

गौरतलब है कि ऐपल स्वास्थ्य शोध के क्षेत्र में व्यापक काम करती है. कंपनी ने हाल ही में एक निजी हेल्थ डेटा स्टार्ट-अप ग्लिम्प्स का अधिग्रहण किया है, जिसे चिकित्सा संबंधी जानकारी इकट्ठा करने में मदद के लिए डिजाइन किया गया है.

इसके अलावा, ऐपल की बायोमेडिकल इंजीनियरों की एक सीक्रेट टीम ऐसे सेंसर को विकसित करने पर काम कर रही है, जो ब्लड शुगर की मात्रा की निगरानी बिना सुई चुभोए कर सकता है.

इसके तैयार होने से डायबिटीज के मरीज बार-बार खून की जांच कराने से बच सकेंगे. यह सेंसर बनाना इसलिए भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि त्वचा में छेद कर खून निकाले बिना शुगर के स्तर की सटीक जांच का तरीका अब तक कारगर नहीं हो सका है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >