घर बैठे ही कर सकते हैं कार की मेंटेनेंस, हर मालिक जाने ये 5 बेसिक चेक्स

Basic Car Checks: अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार हमेशा स्मूद चले और बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर न लगाने पड़ें, तो घर पर ही कुछ बेसिक चेक्स करना जरूरी है. इंजन ऑयल, टायर प्रेशर, कूलेंट और ब्रेक फ्लूइड, बैटरी, विंडशील्ड वॉशर और एयर फिल्टर जैसी चीजों पर आप जरूर ध्यान दें.

Basic Car Checks: अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार हमेशा बढ़िया से चले करे और बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर न लगाने पड़ें, तो कुछ बेसिक चेक करना जरूरी है. अच्छी बात ये है कि इन चेक्स के लिए आपको न ज्यादा समय चाहिए और न ही कोई खास टूल्स. बस थोड़ी सी आदत डाल लें और समय-समय पर ध्यान देते रहें. इससे न सिर्फ आपकी कार की परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी, बल्कि सेफ्टी, माइलेज और ओवरऑल रिलायबिलिटी भी बढ़ेगी. आइए अब आपको कुछ आसान कार चेक्स के बारे में बताते हैं जिन्हें आप घर पर ही कर सकते हैं.

इंजन ऑयल का लेवल 

सबसे पहले अपनी कार का इंजन ऑयल चेक करना बहुत जरूरी है. इसके लिए गाड़ी को समतल जगह पर खड़ा करें और इंजन ठंडा होने दें. अब डिपस्टिक निकालकर ऑयल का लेवल देखें. ये हमेशा minimum और maximum मार्क के बीच होना चाहिए. साथ ही ऑयल का रंग भी नोटिस करें. अगर ऑयल हल्का और साफ दिख रहा है तो सब ठीक है, लेकिन अगर ये ज्यादा काला या गाढ़ा हो गया है, तो इसे बदलने का समय आ गया है.

टायर प्रेशर और उसका कंडीशन

अब बात करते हैं टायर की. सही टायर प्रेशर न सिर्फ आपकी सेफ्टी के लिए जरूरी है, बल्कि इससे माइलेज भी बेहतर मिलता है. एक गेज की मदद से सभी टायरों का प्रेशर चेक करें और कंपनी द्वारा बताए गए लेवल पर रखें. साथ ही टायर को ध्यान से देखें कि कहीं कट, क्रैक, उभार (bulge) या uneven wear तो नहीं है. ट्रेड डेप्थ भी चेक करना न भूलें, क्योंकि घिसे हुए टायर सड़क पर पकड़ कम कर देते हैं.

कूलेंट लेवल और ब्रेक फ्लूइड

सबसे पहले बात करते हैं कूलेंट की. इसे हमेशा तब चेक करें जब इंजन ठंडा हो. इसका लेवल टैंक पर दिए गए निशान के बीच में होना चाहिए. अगर कूलेंट कम हो जाए, तो इंजन ओवरहीट हो सकता है और बड़ा नुकसान भी हो सकता है. और अगर आपको बार-बार कूलेंट डालना पड़ रहा है, तो समझ जाइए कहीं न कहीं लीकेज की दिक्कत हो सकती है.

अब बात करते हैं ब्रेक फ्लूइड की. इसका लेवल भी सही रेंज में होना चाहिए. अगर ये कम हो रहा है, तो हो सकता है कि ब्रेक के पार्ट्स घिस गए हों या कहीं लीकेज हो.

बैटरी

गाड़ी की बैटरी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. इसलिए बीच-बीच में उसके टर्मिनल्स चेक करते रहें. इससे आपको यह पता चलता है कि कहीं जंग तो नहीं लग गई है या कनेक्शन ढीले तो नहीं हैं. अगर गाड़ी स्टार्ट होने में टाइम ले रही है या लाइट्स हल्की लग रही हैं, तो समझ जाइए बैटरी कमजोर हो रही है. 

विंडशील्ड वॉशर फ्लूड और वाइपर ब्लेड्स

साफ-सुथरी विंडशील्ड के लिए वॉशर फ्लूड का भरा होना बहुत जरूरी है. खासकर धूल भरे या बारिश वाले मौसम में एक अच्छा क्लीनिंग सॉल्यूशन इस्तेमाल करेंगे तो विजिबिलिटी और बेहतर रहेगी.

वहीं, वाइपर ब्लेड्स को भी हल्के में मत लीजिए. अगर उनमें क्रैक आ गए हैं या वो ठीक से साफ नहीं कर रहे, तो तुरंत बदलवा लें. पुराने या घिसे हुए वाइपर बारिश में शीशे पर स्ट्रिक्स छोड़ देते हैं, जिससे ड्राइव करना मुश्किल और खतरनाक हो सकता है.

एयर फिल्टर

एयर फिल्टर में धूल-मिट्टी जम जाती है, जिससे इंजन को सही मात्रा में हवा नहीं मिल पाती. इसका असर सीधे माइलेज और पावर पर पड़ता है. ऐसे में बेहतर होगा कि आप फिल्टर को साफ कर लें या जरूरत पड़े तो बदल दें.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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