आधार से मोबाइल लिंक करा रहे हैं या नया नंबर ले रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

नयी दिल्ली :पहले किसी भी वोटर आइडी और तस्वीर के साथ धोखाधड़ी करने वाले सिम खरीद लिया करते थे. उन्हें ट्रेस करना भी काफी मुश्किल होता था क्योंकि सिम कार्ड किसी और के नाम से होता था. आधार आने के बाद इन धोखाधड़ी पर लगाम लगी है लेकिन नयी तकनीक के साथ फ्रॉ़ड भी दूसरे […]

नयी दिल्ली :पहले किसी भी वोटर आइडी और तस्वीर के साथ धोखाधड़ी करने वाले सिम खरीद लिया करते थे. उन्हें ट्रेस करना भी काफी मुश्किल होता था क्योंकि सिम कार्ड किसी और के नाम से होता था. आधार आने के बाद इन धोखाधड़ी पर लगाम लगी है लेकिन नयी तकनीक के साथ फ्रॉ़ड भी दूसरे रास्ते भी ढुढ़ लेते हैं.

अब सिम कार्ड लेने के लिए आधार नंबर के अलावा सिर्फ आपके अंगूठे का निशान चाहिए. अगर आप सिम खरीदने जा रहे हैं या अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करा रहे हैं तो एक बात का विशेष ध्यान रखें. अपना अंगूठा सिर्फ एक बार स्कैन करते दें. अगर आप दोबारा अपना अंगूठा देंगे तो संभव है कि इस निशान से दूसरा सिम जेनरेट कर दिया जाए. पिछले दिनों कई ऐसे मामले सामने आये जब लोगों को पता चला कि उनके नाम से दूसरे नंबर भी चल रहे हैं.
हालांकि आधार के साथ आपका फोन नंबर और ईमेल आईडी जुड़ा है. आधार की तरफ से आये हर एक मैसेज या ईमेल का गंभीरता से लें. अगर आपके आधार पर कोई अकाउंट चालू है या कोई सिम चल रहा है तो इसकी जानकारी आपको आधार ईमेल के जरिये देता है. थोड़ी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है. मोबाइल आधार से लिंक कराते वक्त दुकानदार द्वारा की जा रही पूरी प्रक्रिया पर नजर रखें. इंटरनेट और तकनीक के विकास के साथ कई नये तरीके के फ्रॉड भी सामने आये हैं. मेट्रिमोनियल साइट्स , फेसबुक और दूसरी सोशल नेटवर्किंग साइट पर दोस्ती करके कई लोगों से ठगी के मामले सामने आते रहते हैं.

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