जमीन के अभाव में स्कूल भवनविहीन, शैक्षणिक कार्य बाधित

प्रतिनिधि, उदाकिशुनगंजस्थानीय प्रखंड के तहत एक दर्जन से भी अधिक स्कूल जमीन के अभाव में वर्षों से भवन विहीन है. जिसके कारण इन विद्यालयों में पठन पाठन का कार्य बाधित है. बीआरसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की संख्या 138 है. जिसमें 22 प्राथमिक विद्यालय अभी भी भवन […]

प्रतिनिधि, उदाकिशुनगंजस्थानीय प्रखंड के तहत एक दर्जन से भी अधिक स्कूल जमीन के अभाव में वर्षों से भवन विहीन है. जिसके कारण इन विद्यालयों में पठन पाठन का कार्य बाधित है. बीआरसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की संख्या 138 है. जिसमें 22 प्राथमिक विद्यालय अभी भी भवन विहीन है. चूंकि ऐसे स्कूलों को अभी तक जमीन भी उपलब्ध नहीं हो सका है. ऐसे स्कूल खास कर नव सृजित प्राथमिक विद्यालय ही है. जिसकी स्थापना 2006 ई में की गयी है. जमीन व भवन की कमी को देखते हुए राज्य सरकार के आदेश पर विभागीय पदाधिकारी ने पड़ोस के स्कूल में वर्ग संचालन का आदेश दिया था. लेकिन नव सृजित प्राथमिक विद्यालय जौतेली वार्ड नंबर 11 के पास जमीन भी और भवन निर्माण के लिए 2008 ई में राशि भी आवंटित की गयी थी. फिर भी भवन निर्माण कार्य अभी तक नहीं कराया जा सका है. जबकि राशि की निकासी 2008 में ही कर ली गयी है. प्रशासन भी भवन निर्माण कराये जाने के लिए अपने प्रभाव का उपयोग करने से पीछे रही है. भवन नहीं रहने के कारण उक्त स्कूल के छात्रों की नियमित वर्ग संचालन उत्क्रमित मध्य विद्यालय जौतेली में करने का आदेश प्रधानाध्यापक को बीइओ ने दिया था. लेकिन एचएम द्वारा उक्त आदेश को ठेंगा दिखाते हुए आज भी शिक्षा समिति के सचिव के दरवाजे पर ही वर्ग संचालन किया जा रहा है. इस तरह जमीन व भवन के नहीं रहने से छात्रों के पठन-पाठन के कार्य पर प्रतिकू ल असर पड़ रहा है.

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