देवघर : देवीपुर में एम्स के भवन निर्माण कार्य करनेवाली कंपनी एनकेजी के पास जांच में दो लाख सीएफटी बालू अवैध मिला है. डीएमओ राजेश कुमार के निर्देश के बाद कंपनी ने खनन विभाग के पोर्टल से स्टॉक की दोगुनी राशि 8.19 लाख रुपये जुर्माने के रूप में जमा करायी है. डीएमओ ने एनबीसीसी को भी स्पष्ट रूप से कहा कि बगैर चालान का बालू प्रयोग करना उचित नहीं है. इससे सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचती है, साथ ही कंपनी को भी फायदा पहुंचता है. भविष्य में इस पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है.
एम्स निर्माण कंपनी को देना पड़ा “8.19 लाख जुर्माना

एम्स निर्माण कंपनी को देना पड़ा “8.19 लाख जुर्माना
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देवघर : देवीपुर में एम्स के भवन निर्माण कार्य करनेवाली कंपनी एनकेजी के पास जांच में दो लाख सीएफटी बालू अवैध मिला है. डीएमओ राजेश कुमार के निर्देश के बाद कंपनी ने खनन विभाग के पोर्टल से स्टॉक की दोगुनी राशि 8.19 लाख रुपये जुर्माने के रूप में जमा करायी है. डीएमओ ने एनबीसीसी को […]
दो लाख सीएफटी बालू का स्टाॅक पाया : जानकारी के अनुसार, अवैध बालू की सूचना पाकर डीएमओ राजेश कुमार ने 28 दिसंबर को एम्स कैंपस पहुंचे. यहां दो लाख सीएफटी बालू का स्टाॅक पाया. मांगे जाने पर एनकेजी कंपनी ने चालान नहीं दिखाया. डीएमओ ने बालू के स्टॉक की फोटोग्राफी की व रजिस्टर का अवलोकन किया. पाया गया कि चालान गिरिडीह खनन विभाग का है. पर चालान से अधिक स्टॉक किये गये बालू देवघर के अजय नदी का है. अब विभाग बालू आपूर्ति करने वाले मधुपुर के बालू कारोबारी का भी तलाश कर रहा है.