मुंबईः महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना की आपसी कलह अब खुल कर सामने आ गई है.दोनों दलों के बीच दरार की खाई गहरी होती जा रही है. 30 साल पुराना गठबंधन टूटने के कगार पर है. केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफे का एलान किया है.
ट्विटर पर इस्तीफे के फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना का पक्ष सच्चाई है. झूठे माहौल के साथ नहीं रहा सकता है. अरविंद सावंत ने कहा कि 11 बजे इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. यह फैसला ऐसे में उन्होंने किया है जब महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार बनाने की खबरें हैं.
अरविंद सावंत के इस्तीफे के ऐलान के साथ ही तय हो गया है कि शिवसेना एनडीए से बाहर हो गई है. अरविंद सावंत दक्षिणी मुंबई से सांसद हैं और केंद्र में शिवसेना के कोटे से मंत्री हैं. उन्हें बाहरी उद्योग मंत्रालय दिया गया था, लेकिन अब उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है.शिवसेना के इस नए दांव को महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है.
बता दें कि एनसीपी ने महाराष्ट्र में गठबंधन से पहले शिवसेना के सामने एनडीए से अलग होने की शर्त रखी है. अब सवाल यह है कि केंद्र में मोदी की टीम से अलग होने के बाद क्या शिवसेना एनडीए से भी अलग होने का लान करेगी. इधर, अरविन्द सावंत के मोदी कैबिनेट से इस्तीफे के एलान के तुरंत बाद दिल्ली में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की हाईलेवल बैठक होने जा रही है.
कयास लगाया जा रहा है कि इस बैठक में शिवसेना को समर्थन देने पर फैसला हो सकता है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आज 10 बजे मीटिंग होने वाली है और उसमें आलाकमान के निर्देश के मुताबिक फैसला लिया जाएगा. लेकिन उसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक का जो फैसला है कि हमें विपक्ष में ही बैठना चाहिए.
