Amazon वेब सर्विस ने की ISRO और In Space के साथ यह डील, पढ़ें पूरी खबर

अमेजन वेब सर्विसेज की इसरो और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्द्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के साथ यह पार्टनरशिप इस साल अप्रैल में घोषित भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 का अनुकरण करती है.

अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) ने क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिये स्पेस-टेक्नोलॉजी नवोन्मेषण को समर्थन देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और इन-स्पेस के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. एडब्ल्यूएस ने आज दिए गए अपने एक बयान में कहा कि इस समझौते का उद्देश्य अंतरिक्ष गतिविधियों से जुड़े स्टार्टअप, शोध संस्थानों और छात्रों के एडब्ल्यूएस एक्टिवेट के जरिये क्लाउड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी तक पहुंच देना है ताकि वे अंतरिक्ष क्षेत्र में नए सोल्यूशन डेवलप कर सकें.

नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने का जिक्र

अमेजन वेब सर्विसेज की इसरो और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्द्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के साथ यह पार्टनरशिप इस साल अप्रैल में घोषित भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 का अनुकरण करती है. इस नीति में अंतरिक्ष कार्यक्रम के विकास में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने का जिक्र है.

सैटेलाइट सोल्यूशंस के निर्माण का वैश्विक अनुभव

एडब्ल्यूएस की डायरेक्टर (भारत एवं दक्षिण एशिया) शालिनी कपूर ने कहा, क्लाउड कंप्यूटिंग से संवर्द्धित नवाचार अंतरिक्ष उद्योग को बेहतर एवं त्वरित फैसला लेने में सक्षम बनाते हैं. हमें धरती पर जीवन बेहतर बनाने के लिए अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी सोल्यूशंस के विकास में भारत के अपने उपभोक्ताओं की मदद करने का इंतजार है. इसरो के डायरेक्टर (क्षमता निर्माण) सुधीर कुमार एन ने कहा कि एडब्ल्यूएस तक पहुंच मिलने से स्टार्टअप कंपनियों को फायदा होगा और उन्हें वैमानिकी एवं सैटेलाइट सोल्यूशंस के निर्माण का वैश्विक अनुभव भी होगा.

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