भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
इन दिनों शहर का मुख्य बाजार क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की कमी दिखने लगी है. सफाईकर्मी की कमी का दंश बाजार के व्यवसायियों व रोजाना आने वाले हजारों ग्राहकों को झेलना पड़ रहा है. इससे कहीं कूड़े-कचरे का अंबार लगा है तो कहीं नाली की उड़ाही नहीं होने से जल जमाव की समस्या है. इससे ग्राहकों और व्यवसायियों की परेशानी बढ़ गयी है. कमोबेश यही स्थिति पूरे शहर की है. वहीं बारिश ने और फजीहत कर दी है.व्यवसाय में बाधक है कूड़ा-कचरा
अभी लीची व आम का पत्ता कूड़े व कचरे का ढेर लगने में सहायक बन रहा है. इसके अलावा फलों का वेस्टेज व कार्टून भी सड़क पर छोड़ दिया जा रहा है. व्यवसायी भी हमेशा इस बात से परेशान हैं कि कूड़ा-कचरा उनके व्यवसाय में बाधक बन रहा है. सूता पट्टी, लोहापट्टी, बुधिया गली, कलाली गली में कोई ही ऐसा माह होगा कि कीचड़ व जल-जमाव की समस्या नहीं होगी. इनारा चौक पराठा गली के खाद्यान्न कारोबारी चंदन विश्वास ने बताया कि कूड़े का उठाव भी वर्किंग आवर में किया जाता है. इससे भी दुकानदार व ग्राहकों को परेशानी होती है.
लोहापट्टी में जगह-जगह कचरा
शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र के गिरधारी साह सब्जी मंडी के समीप, आनंद चिकित्सालय रोड में शीतला स्थान के समीप, इनारा चौक, घंटाघर के समीप पटल बाबू रोड, लोहिया पुल, स्टेशन चौक के समीप, लोहापट्टी रोड समेत बाजार के मुख्य मार्ग पर साफ -सफाई की व्यवस्था गड़बड़ हो गयी है. जगह-जगह कूड़े-कचरे का अंबार लग गया है. हवा से धूल के रूप में कूड़े दुकानों में भी उड़ कर जा रहे हैं. लोहापट्टी स्थित रंग कारोबारी विकास झुनझुनवाला ने बताया कि लोहापट्टी रोड व सब्जी मंडी के समीप लगातार कूड़े-कचरे का अंबार लगा होता है. लोहिया पुल के नीचे का रास्ता एनएच कहलाता है, इसके बावजूद कूड़े का ढेर लगा रहता है.कचरा बन रहा है जाम का कारण
एमपी द्विवेदी रोड स्थित दवा पट्टी के दुकानदार सह चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव प्रदीप जैन ने बताया कि सड़क किनारे कचरे का ढेर प्राय: लगा रहता है. यही कचरा जाम का कारण भी बन रहा है. पैदल चलने वाले लोगों को बीच सड़क पर चलना पड़ रहा है. इससे ऑटो का जाम लग जाता है. कपड़ा कारोबारी कृष्णा गोयल ने कहा कि लोहापट्टी एवं लोहिया पुल समीप ट्रैफिक जाम होती है. आम ग्राहकों को पैदल आने-जाने में दिक्कतें होती है.कूड़े-कचरे की सड़ांध बदबू से दुकान में बैठना भी मुश्किल हो रहा है. लोहिया पुल के नीचे सप्ताह भर से अधिक हो जाने के बावजूद कूड़ा -कचरे के ढेर से आम ग्राहकों को पैदल आने-जाने में दिक्कतें होती है. कूड़े-कचरे की सड़ांध बदबू से दुकान में बैठना भी मुश्किल हो रहा है.
