पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
Patna Municipal Council: पटना के दानापुर नगर परिषद क्षेत्र के कई वार्डों में पीसीसी सड़क, नाला समेत अन्य योजनाओं का निर्माण कार्य बिना प्राक्कलन बोर्ड लगाए ही किया जा रहा है. कार्यस्थल पर सूचना पटल नहीं होने से लोगों को योजना की जानकारी नहीं मिल पा रही है.
पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
बोर्ड नहीं लगाए जाने के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लागत पर सवाल उठ रहे हैं. नियमों के अनुसार कार्य शुरू होने से पहले कार्य स्थल पर पूरी जानकारी वाला बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
नियमों का खुलेआम उल्लंघन
निर्माण स्थल पर कार्य का नाम, लंबाई, स्वीकृत राशि, अनुबंध संख्या, संवेदक का नाम और अन्य तकनीकी जानकारी प्रदर्शित करना जरूरी होता है. लेकिन कई जगहों पर यह नियमों की अनदेखी की जा रही है.
शिलान्यास के बाद भी नहीं लगे शिलापट्ट
पिछले दिनों नगर विकास एवं आवास मंत्री द्वारा 151 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया था. इसके बावजूद कई स्थानों पर अब तक शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.
गुणवत्ता को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई पीसीसी सड़कें एक साल के भीतर ही जर्जर हो गई हैं. वहीं कुछ जगहों पर पुराने बोर्ड लगाकर राशि के गबन के भी आरोप लगाए जा रहे हैं.
जनप्रतिनिधियों ने लगाया मिलीभगत का आरोप
पूर्व उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजनाथ जायसवाल ने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षदों और संवेदकों की मिलीभगत से सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है और इसकी जांच होनी चाहिए.
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा है कि सभी संवेदकों और कनीय अभियंताओं को शिलापट्ट लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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