उपायुक्त की अध्यक्षता में पेसा पर उच्च स्तरीय पहला राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस सह कार्यशाला आयोजित
योजनाओं के चयन से लेकर प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में ग्रामीणों की सहभागिता होगी
सभी बीडीओ-सीओ को कानून को धरातल पर उतारने की जिम्मेवारी
Jamshedpur News :
राज्य में पेसा कानून को लागू करने और ग्राम सभाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए जिला स्तर पर नयी पहल सरकार के आदेश से शुरू की गयी है. शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में पेसा पर उच्च स्तरीय पहला राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस सह कार्यशाला हुआ. कार्यशाला का उद्देश्य पेसा नियमावली-2025 के कड़े प्रावधानों को धरातल पर लागू करना और अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था. पेसा के नये नियमों के तहत अब विकास योजनाओं के चयन और उनके क्रियान्वयन में ग्रामसभा की अनुमति और सहभागिता अनिवार्य होगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता आने का दावा किया गया.
पारदर्शिता और जवाबदेही से बदलेगी गांवों की सूरत : उपायुक्त
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि पेसा नियमावली-2025 अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है. उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी इस नियमावली का गंभीरता से अध्ययन करें. ग्रामसभा को कानूनी अधिकार दिलाने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
चुनौतियों और जिज्ञासाओं का हुआ समाधान
घंटाभर चले कार्यशाला के अंतिम सत्र में ओपन फोरम संवाद हुआ. इसमें सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने नियमावली को व्यावहारिक रूप से लागू करने के दौरान आने वाली चुनौतियों को सामने रखा. विशेषज्ञों ने अधिकारियों और प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए संभावित ब्लूप्रिंट साझा किया, ताकि भविष्य में गतिरोध से बचा जा सके. बैठक में डीडीसी, एसडीओ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, डीसीएलआर, जिले के सभी बीडीओ, सीओ, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और प्रबुद्धजन शामिल हुए.
पेसा कानून लागू होने से गांव सशक्त होगा : बैजू मुर्मू
धाड़ दिशोम देश परगना बैजू मुर्मू ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से गांव की सीमा में आने वाले जल, जंगल और जमीन का प्रबंधन सीधे ग्रामसभा को मिले. माझी बाबा लघु वनोपज (महुआ, चिरौंजी, केंदू पत्ता) के संग्रहण और उसकी सही कीमत मिलेगी, इससे बिचौलियागिरी खत्म होगी. ग्रामीणों की आय बढ़ेगी. गांव में रोजगार मिलेगा व पलायन रुकेगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण होगा : दशमत हांसदा
जुगसलाई तोरोप परगना दशमत हांसदा ने कहा कि गांव के हर बच्चे को शिक्षा और हर परिवार को स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, इसके लिए माझी बाबा पेसा के अधिकारों का उपयोग करेंगे. वे गांव के स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों व शिक्षक, डॉक्टर की निगरानी करेंगे. गांव में शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें, नालियों का खाका भी तैयार करेंगे.
सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन होगा : दुर्गाचरण मुर्मू
तालसा माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू बताया कि पेसा कानून लागू होने से माझी बाबा यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं (राशन, वृद्धावस्था पेंशन, आवास और मनरेगा) का लाभ गांव के हर पात्र और गरीब व्यक्ति तक बिना किसी भ्रष्टाचार के पहुंचे. ग्राम सभा में योग्य लाभार्थियों की पहचान होगी, अपात्र लोग बाहर होंगे.
साहूकारी प्रथा से मुक्ति व आर्थिक शोषण पर रोक लगेगी : शास्त्री हेंब्रम
बहरागोड़ा जाड़ाबनी गांव के माझी बाबा शास्त्री हेंब्रम ने बताया कि ग्रामीणों को कर्ज के जाल और शोषण से बचाने के लिए माझी बाबा पेसा कानून के तहत गांव में काम करने वाले साहूकारों और सूदखोरों पर नियंत्रण रखेंगे. बिना ग्रामसभा की अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में अवैध वित्तीय लेनदेन नहीं कर पायेगा.
नशामुक्ति व सुरक्षित सामाजिक वातावरण का निर्माण होगा : बिंदे सोरेन
कदमा के माझी बाबा बिंदे सोरेन बताया कि पेसा कानून लागू होने से लोगों के मानसिक, शारीरिक और आर्थिक विकास के लिए गांव में सामाजिक सुधार के कड़े कदम उठाये जायेंगे. गांव के भीतर शराब और अन्य नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री पर प्रतिबंधित करने का अधिकार भी होगा.
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