Viral Video : हवा में लटकने लगी ट्रेन, वीडियो देखकर नहीं होगा भरोसा

Viral Video : इस मोनो-रेल की खासियत है कि यह पूरी तरह इको-फ्रेंडली है. ट्रेन जमीन से 5-6 मीटर ऊपर 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है. पांच डिब्बों में कुल 510 पैसेंजर्स बैठ सकते हैं. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस ट्रेन को देखकर हर कोई हैरान है. आप भी देखें वीडियो.

Viral Video : चीन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए सस्पेंडेड मोनो-रेल चल रही है. यह रेल हवा में लटक कर रोलरकोस्टर की तरह चलती है. इससे तेज रफ्तार और मजेदार सफर का अनुभव मिलता है. यह नई टेक्निक ट्रांसपोर्ट का भविष्य बदल सकती है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में नजर आ रहा है कि ट्रेन हवा में लटककर चल रही है. उसके अंदर यात्री बैठे हुए हैं. इस वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा– भारत और पूरी दुनियां में ट्रेन रेल की पटरियों पर चलती हैं लेकिन चीन में ऐसा नहीं है. चीन के वुहान शहर में ट्रेन लटकती हुई चलती हैं और इनके फ्लोर कांच के बने होते हैं. देखें वीडियो

इंजीनियर्स ने क्या किया दावा

चीन की रेल कंपनी सीआरआरसी क्विंगदाओ के इंजीनियर्स का कहना है कि सस्पेंडेड मोनो-रेल सस्ती, इको-फ्रेंडली और बनाने में कम समय लेने वाली टेक्निक है. यह पारंपरिक सब-वे मेट्रो की तुलना में अधिक किफायती है. कंपनी के मुताबिक, यह मोनो-रेल चीन के शहरी क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में एक बेहतरीन और कारगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट विकल्प साबित हो सकती है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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