न्यूयॉर्क में पिज्जा डिलीवरी बॉय की हत्या; पैसे मांगने पर भारतीय युवक को ग्राहक ने मारी गोली, पंजाबी समुदाय में गुस्सा

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पंजाब के कपूरथला का रहने वाला 28 वर्षीय भारतीय युवक गुरदीप सिंह न्यूयॉर्क में पिज्जा डिलीवरी का काम करता था. एक डिलीवरी के दौरान जब उसने ग्राहक से पिज्जा के पैसे मांगे, तो विवाद के बाद ग्राहक ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. इस खबर के बाद से मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन केंद्र सरकार से शव को भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं.

मृतक गुरदीप सिंह के पिता प्यारे लाल ने बेहद भावुक होकर न्याय की अपील की है. उन्होंने बताया, "8-9 साल से अमेरिका में संघर्ष: गुरदीप पिछले 8-9 सालों से न्यूयॉर्क में रहकर मेहनत-मजदूरी और पिज्जा डिलीवरी का काम कर रहा था."

पैसे मांगने पर मारी गोली

डिलीवरी देने के बाद जब गुरदीप ने नियमानुसार ग्राहक से पैसे मांगे, तो आरोपी ने पैसे देने के बजाय सीधे बंदूक निकालकर गोली चला दी.


गरीब परिवार की अपील, बच्चे को न्याय दिलाया जाए

प्यारे लाल ने कहा, "हम एक बेहद गरीब परिवार हैं. मैं भारत सरकार से गुजारिश करता हूं कि मेरे बच्चे को न्याय दिलाया जाए, दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले और मेरे बेटे के पार्थिव शरीर को अमेरिका से भारत वापस लाया जाए."

उत्तर अमेरिकी पंजाबी एसोसिएशन (NAPA) ने जताई कड़ी चिंता

इस वारदात के बाद उत्तर अमेरिकी पंजाबी एसोसिएशन (NAPA) ने अमेरिका में रह रहे पंजाबियों और सिख समुदाय की सुरक्षा को लेकर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है.

  • "इसे अकेली घटना न माना जाए": NAPA के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने कहा कि इस हत्या को एक अलग-थलग या अकेली घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
  • उजड़ रहे हैं परिवार: चहल ने कहा कि जब भी किसी युवा पंजाबी या सिख की हत्या होती है, तो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है. समुदाय बार-बार होने वाली इस हिंसा के साथ जीने को मजबूर नहीं हो सकता.
  • बढ़ती धमकियां और रंगदारी: संगठन ने ध्यान दिलाया कि अमेरिका में भारतीय और पंजाबी समुदाय के लोगों को लगातार धमकियों, जबरन वसूली और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है.

'अब बहुत हो चुका' - अमेरिका में पंजाबी समुदाय का फूटा गुस्सा

नापा ने कैलिफोर्निया में हाल ही में सामने आए जबरन वसूली के मामलों और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि गुरदीप सिंह का नाम सिर्फ एक और आंकड़े या सूची में दर्ज होकर नहीं रह जाना चाहिए. संगठन ने अमेरिकी प्रशासन से प्रवासियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.


ये भी पढ़ें: ईरान को भूल जाइए... पश्चिम एशिया में इन दो देशों के बीच एक नई जंग के हालात बन रहे हैं


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >