US-Iran Tension: यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी हिस्से पर जमीनी हमला करने की खबरें आ रही हैं. तसनीम न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खतरे को देखते हुए ईरानी लड़ाकों में काफी उत्साह है और वे अमेरिकी सेना को अपनी धरती पर कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं.
युवाओं में भर्ती का क्रेज
मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान की सेना में शामिल होने के लिए वहां के युवाओं में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है. सैन्य सूत्रों ने तसनीम न्यूज को बताया है कि पिछले कुछ दिनों में बसीज, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सेना के पास हजारों वॉलंटियर्स के आवेदन आए हैं. ये सभी युवा फ्रंट लाइन पर तैनात होकर जंग का हिस्सा बनना चाहते हैं.
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, हालात को देखते हुए अब 12 साल के बच्चों को भी जंग से जुड़ी गतिविधियों में शामिल करने की तैयारी है. IRGC के अधिकारी रहीम नदाली ने सरकारी मीडिया पर जानकारी दी है कि इसके लिए ‘फॉर ईरान’ नाम से एक खास पहल शुरू की गई है.
इस प्रोग्राम के तहत बच्चों को गश्त करने, चेकपोस्ट की सुरक्षा संभालने और जरूरी सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने जैसे कामों की जिम्मेदारी दी जाएगी. नदाली का दावा है कि बच्चे खुद आगे आकर सेना का साथ देने की मांग कर रहे थे, जिसके बाद भर्ती के लिए उम्र की सीमा घटाकर 12 साल कर दी गई है. सूत्रों का कहना है कि अगर अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को खोलने के लिए आत्मघाती तरीके अपनाता है, तो ईरान उस रास्ते को बंद रखने के लिए पूरी तरह तैयार है.
ट्रंप ने ईरान को कहा- 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर जल्द ही गंभीर होना होगा
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि ईरानी बातचीत करने वाले लोग काफी अलग और अजीब हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है क्योंकि उनकी सैन्य शक्ति लगभग खत्म हो चुकी है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर जल्द ही गंभीर होना होगा, वरना इसके नतीजे बहुत बुरे होंगे.
अमेरिका भेज सकता है 10,000 अतिरिक्त सैनिक
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यरूशलेम पोस्ट ने बताया है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में 10,000 अतिरिक्त जमीनी सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है. इसमें इन्फेंट्री और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ 82वीं एयरबोर्न डिवीजन भी शामिल हो सकती है. हालांकि व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी एना केली ने कहा है कि सैनिकों की तैनाती की जानकारी ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ ही देगा, लेकिन ट्रंप के पास सभी सैन्य विकल्प खुले हैं.
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ईरान को 10 दिन की मिली मोहलत
फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि ईरान की गुजारिश पर उन्होंने ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 10 दिन के लिए टाल दिया है. अब यह समयसीमा 6 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे (IST) तक बढ़ा दी गई है. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से 8 तेल टैंकरों को निकलने का रास्ता दिया, जिसे उन्होंने एक ‘गिफ्ट’ की तरह देखा और बदले में उन्हें 10 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया.
लीडरशिप की हत्या की साजिश का डर
इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार तड़के ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत 83वें दौर का हमला किया, जिसमें मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया गया. वहीं, प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि अमेरिका और इजरायल उनके स्पीकर मोहम्मद बकेर गालिबफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की हत्या की साजिश रच रहे हैं.
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