पाकिस्तान में US-ईरान वार्ता पर बैठक: इस्लामाबाद बना किला, सड़कों पर कंटेनर और कटीले तार, लोग घरों में कैद

US-Iran Talks Islamabad: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली हाई-लेवल बातचीत से पहले सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, रावलपिंडी और इस्लामाबाद के कई इलाकों में सड़कों को कंटेनर और कंटीले तारों से पूरी तरह बंद कर दिया गया है.

US-Iran Talks Islamabad: ओल्ड एयरपोर्ट रोड और नूर खान एयरबेस की ओर जाने वाले रास्ते सील हैं. शाह खालिद कॉलोनी, गुलजार-ए-कायद और एयरपोर्ट हाउसिंग सोसाइटी जैसे इलाकों में रहने वाले लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं. सुरक्षा के लिए 5,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और शहर में 350 से ज्यादा चेकप्वाइंट बनाए गए हैं.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सामान की किल्लत

विदेशी डेलिगेशन की सुरक्षा को देखते हुए मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों के रूट बदल दिए गए हैं या उन्हें बंद कर दिया गया है. इसकी वजह से ऑफिस जाने वाले लोगों और छात्रों को पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, कई इलाकों में खाने-पीने के सामान, पानी और दवाइयों की कमी हो गई है क्योंकि मार्केट और दुकानें बंद कर दी गई हैं. सरकार ने भीड़ कम करने के लिए गुरुवार और शुक्रवार को इस्लामाबाद में सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया है.

खामेनेई की मौत के बाद पहली बड़ी बातचीत

11 अप्रैल से होने वाली यह बातचीत बहुत खास है क्योंकि 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया था. पाकिस्तान की मध्यस्थता (मीडिएशन) से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है, जिसके बाद अब बातचीत का रास्ता खुला है. रेड जोन जहां संसद, दूतावास और बड़े होटल हैं, वहां आम गाड़ियों की एंट्री पूरी तरह बंद है. होटल सेरेना को इस मीटिंग के लिए मुख्य वेन्यू बनाया गया है.

सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत को ‘फूलप्रूफ सुरक्षा’ का भरोसा दिया है. अमेरिका की 30 सदस्यीय टीम पहले ही सुरक्षा का जायजा लेने इस्लामाबाद पहुंच चुकी है. हालांकि, व्हाइट हाउस के पूर्व प्रेस सचिव एरी फ्लेशर ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है. वहीं अल जजीरा की रिपोर्ट कहती है कि लेबनान पर इजरायली हमलों के कारण ईरानी डेलिगेशन के आने में देरी हो सकती है, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हंगरी से रवाना हो चुके हैं.

हवाई सुरक्षा के लिए पाकिस्तान का ‘प्रोटेक्टिव शील्ड’

डिफेंस एक्सपर्ट्स और ओपन सोर्स डेटा के मुताबिक, पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने मेहमानों के विमानों की सुरक्षा के लिए IL-78 और C-130 विमान तैनात किए हैं. ईरानी डेलिगेशन को सुरक्षा देने के लिए पाकिस्तानी फाइटर जेट्स को ईरान के बंदर अब्बास के ऊपर देखा गया है. इजरायली हमले के खतरे को देखते हुए ‘AWACS’ प्लेटफॉर्म के जरिए आसमान में एक सुरक्षा कवच तैयार किया गया है.

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वीजा नियमों में बड़ी ढील

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक दस्तावेज के अनुसार, इस बातचीत में शामिल होने वाले सभी डेलिगेट्स और पत्रकारों को ‘वीजा-ऑन-अराइवल’ की सुविधा दी जाएगी. एयरपोर्ट्स पर उनकी मदद के लिए स्पेशल डेस्क बनाए गए हैं. विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि पाकिस्तान इस ऐतिहासिक बातचीत को सफल बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि पाकिस्तान इस बड़े कूटनीतिक इवेंट को कितनी सुरक्षित तरीके से पूरा करा पाता है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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