Video : बातचीत फेल होना अमेरिका के लिए बुरी खबर, देखें इस्फहान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने क्या कहा

Video : अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार (12 अप्रैल) सुबह बताया कि इस्लामाबाद में ईरान के साथ हुई बातचीत फेल हो गई. 21 घंटे तक कोशिश करने के बाद भी दोनों देश अपने मतभेद खत्म नहीं कर पाए और कोई समझौता नहीं हो सका. जेडी वेंस के बयान पर इस्फहान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की प्रतिक्रिया आयी है. नीचे पढ़ें उन्होंने क्या कहा.

Video : इस्फहान यूनिवर्सिटी (ईरान में है) में असिस्टेंट प्रोफेसर, मोहसेन फरखानी ने कहा कि यह ईरान के लिए कोई बुरी खबर नहीं है, क्योंकि उन्हें पहले से ही ऐसे नतीजे की उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि ईरान ने इन बातचीत में पहले से ही गहरे अविश्वास के साथ कदम रखा था. फरखानी के मुताबिक, असल में यह अमेरिका के लिए ज्यादा नुकसानदेह है, क्योंकि वह अपने किसी भी मकसद में सफल नहीं हो पाया.

उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका को बातचीत के लिए पाकिस्तान की मदद लेनी पड़ी, जो उसकी कमजोर स्थिति दिखाता है. साथ ही, उन्होंने कहा कि ईरानी टीम को अब लगने लगा है कि ट्रंप की टीम इन बातचीतों को लेकर गंभीर नहीं है. बातचीत का फेल होना ईरान नहीं बल्कि अमेरिका के लिए बुरी खबर है.

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने की आशंका

असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा कि अमेरिका बातचीत में बराबरी या अच्छे इरादे से नहीं आता, बल्कि इसे कमजोरी मानता है. उन्होंने कहा कि 40 दिन की जंग में अमेरिका को नुकसान हुआ, इसलिए वह हालात संभालने के लिए बातचीत चाहता था. लेकिन सख्त शर्तों और दबाव की वजह से कोई समझौता नहीं हो पाया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप की सरकार पर लॉबी का असर है और बेंजामिन नेतन्याहू का दबाव भी है, जिससे हालात और बिगड़े. उनके मुताबिक, इसी वजह से बातचीत फेल हुई और फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है.

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ईरान ने उनकी शर्तें मानने से इनकार कर दिया : जेडी वेंस

जेडी वेंस ने कहा कि हम पिछले 21 घंटे से इस मुद्दे पर लगातार बात कर रहे थे और अच्छी बात यह रही कि कई जरूरी चर्चाएं हुईं. लेकिन खराब बात यह है कि हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाए. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने साफ कर दिया था कि किन बातों पर वह मान सकता है और किन पर नहीं. वेंस के मुताबिक, ईरान ने उनकी शर्तें मानने से इनकार कर दिया. जब उनसे पूछा गया कि असली दिक्कत क्या थी, तो उन्होंने ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया.

क्या परमाणु हथियार पर अटक गई बात?

वेंस ने कहा कि मैं अधिक विस्तार से नहीं बताऊंगा क्योंकि 21 घंटे तक बंद कमरे में बातचीत करने के बाद मैं सार्वजनिक रूप से बात नहीं करना चाहता. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान खुलकर भरोसा दे कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा और न ही ऐसे साधन जुटाएगा जिससे जल्दी हथियार बना सके. वेंस के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा मकसद यही है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर पाए. इसी टारगेट के साथ ये बातचीत की गई थी.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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