Jaishankar Ukraine Visit: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर कीव पहुंचे हैं, जहां उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात की. बातचीत के दौरान सिबिहा ने भारत को एक ग्लोबल पावर बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति संदेश की सराहना की. सिबिहा ने एस जयशंकर की कीव यात्रा को ऐतिहासिक कहा.
एस जयशंकर की यात्रा यूक्रेन में किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली समर्पित द्विपक्षीय यात्रा है. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों पर लगातार रूस के हमले हो रहे हैं- यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा
सिबिहा ने भारत को बताया ग्लोबल पावर
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत एक वैश्विक शक्ति है और यूक्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का स्वागत करता है, जिसमें उन्होंने युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने के बजाय उसे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया था. सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ने को तैयार है.
अपने भारतीय सहयोगी डॉ एस जयशंकर का कीव में स्वागत करते हुए मुझे गर्व हो रहा है. यह यूक्रेन की किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली समर्पित द्विपक्षीय यात्रा है. यह ऐतिहासिक क्षण हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर बढ़ते रूसी हमलों के बीच हो रहा है. हमारी राजधानी लगातार हमलों की चपेट में है और मैं अपने सहयोगी की इस साहसिक यात्रा की सराहना करता हूं- यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा
कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमले की भी चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर और सिबिहा ने बातचीत को दौरान काला सागर में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों की चर्चा की. दोनों नेताओं ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की.
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात में कहा था कि भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा. उन्होंने कहा था कि युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद देता है. इसी दौरान उन्होंने-अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ने की बात कही थी.
भारत-यूक्रेन सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति
दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत की. बुनियादी ढांचा, दवा क्षेत्र, तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. दोनों पक्ष अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक आयोजित करने पर भी सहमत हुए हैं, ताकि संभावित सहयोग को ठोस परियोजनाओं में बदला जा सके. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर हैं.
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