UAE President on Iran Attack: ईरान ने 28 फरवरी को खुद के ऊपर हुए हमले के बाद यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट में फैला दिया है. ईरान ने इसके जवाब में मध्य पूर्व के कई देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत, सऊदी अरब और इजरायल शामिल थे. यूएई प्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष का हिस्सा नहीं था, लेकिन उसके ऊपर भी कई हमले हुए. बढ़ते तनाव के बीच यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने ईरानी हमलों में घायल लोगों से मुलाकात के दौरान कड़ा संदेश दिया.
शनिवार को अबू धाबी टीवी पर राष्ट्रपति नाहयान का बयान आया. उन्होंने इसमें कहा कि उनका देश इस समय ‘युद्ध के दौर’ में है, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं. उन्होंने अपने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि यूएई कोई आसान शिकार नहीं है. ईरान द्वारा अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच खाड़ी क्षेत्र के इस पड़ोसी देश पर मिसाइलें दागे जाने के बाद उन्होंने पहली सार्वजनिक टिप्पणी की. अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा, ‘यूएई की चमड़ी मोटी है और उसका मांस कड़वा है. हम कोई आसान शिकार नहीं हैं.’
शुक्रवार को राष्ट्रपति ने उन लोगों से मुलाकात की जो हालिया हमलों में घायल हुए थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘हम अपने देश, अपने लोगों और यहां रहने वाले निवासियों के प्रति अपना कर्तव्य निभाएंगे, जो हमारे परिवार का ही हिस्सा हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि सात अमीरातों से मिलकर बने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दुबई इसी का हिस्सा है.
सोशल मीडिया पोस्ट में शेख मोहम्मद ने कहा कि यूएई, जहां दुबई जैसे प्रमुख केंद्रों के हवाई अड्डे, पर्यटन स्थल और अमेरिका का वाणिज्य दूतावास भी हमलों से प्रभावित हुए हैं, देश की सुरक्षा और सभी नागरिकों की रक्षा के लिए हर तरह के ‘खतरों’ का सामना करने के लिए तैयार है.
यूएई के अनुसार, अब तक हुए हमलों में कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने के बाद उनके टुकड़े आबादी वाले क्षेत्रों में गिरे. इससे अबू धाबी और दुबई के कुछ हिस्सों में नागरिक ढांचे को नुकसान हुआ और कई जगह आग लग गई. इन घटनाओं में कुछ इमारतों को क्षति पहुंची और आपातकालीन सेवाओं को कई स्थानों पर तैनात करना पड़ा.
यूएई पर हुए हमले और नुकसान
यूरो न्यूज के अनुसार, 28 फरवरी से 4 मार्च 2026 के बीच ईरान ने यूएई की ओर 189 बैलिस्टिक मिसाइलें, 941 ड्रोन और 3 क्रूज़ मिसाइलें दागीं. इनमें से अधिकांश को यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही नष्ट कर दिया. इसके बावजूद इन हमलों और इंटरसेप्शन के मलबे के कारण 3 लोगों की मौत हुई और 78 लोग घायल हुए, जबकि कई जगह इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा.
इसके अलावा ईरान ने 689 मानव रहित हवाई वाहन (ड्रोन) लॉन्च किए, जिनमें से 645 को इंटरसेप्ट कर लिया गया, जबकि 44 ड्रोन देश के भीतर गिरकर टकराए. वही, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश को 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 120 से अधिक ड्रोन से निशाना बनाया गया.
ईरान ने यूएई में कहां-कहां हमला किया?
1. अल धफरा एयर बेस: ईरान ने अबू धाबी में स्थित अल धफरा एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया. यह हमला मुख्य रूप से वहां तैनात अमेरिकी सैन्य बलों को लक्ष्य बनाकर किया गया था. यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन द्वितीयक विस्फोटों के कारण बेस की कुछ सुविधाओं को मामूली संरचनात्मक नुकसान हुआ. आसपास के इलाकों में तेज धमाके सुनाई दिए और शहर के ऊपर धुआं उठता दिखाई दिया.
2. जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास रिहायशी इलाका: अबू धाबी के जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक रिहायशी क्षेत्र में इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों और ड्रोन का मलबा गिर गया. इस घटना में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग छर्रों और धमाकों से घायल हो गए. कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और इलाके में आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं.
3. अल मिनहाद एयर बेस: ईरान ने दुबई के पास स्थित अल मिनहाद एयर बेस को भी निशाना बनाया. यह एयर बेस संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना और रॉयल एयर फोर्स द्वारा संचालित किया जाता है और यहां ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल का मध्य-पूर्व मुख्यालय कैंप बेयर्ड भी स्थित है. यूएई की रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को रोक दिया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं हुआ, हालांकि सुरक्षा अलर्ट और सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी गईं.
4. पाम जुमेराह: दुबई के लग्जरी इलाके पाम जुमेराह में फेयरमोंट द पाम होटल के पास एक शाहेद-प्रकार का ड्रोन गिरा. इससे जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई. इस हमले में चार लोग घायल हुए और आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं. घटना के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
5. बुर्ज अल अरब क्षेत्र: इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से दुबई के प्रतिष्ठित होटल बुर्ज अल अरब के आसपास भी नुकसान की खबर सामने आई. हालांकि नुकसान सीमित बताया गया और किसी बड़े हताहत की सूचना नहीं मिली.
6. दुबई मरीना: शनिवार-रविवार (7-8 मार्च) की रात दुबई मरीना की एक बिल्डिंग पर ड्रोन का मलबा गिरा. इसकी वजह से आग लग गई और बिल्डिंग से धुआं निकलता देखा गया. हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है. हालांकि दुबई मीडिया कार्यालय के अनुसार, इंटरसेप्ट किए गए एक प्रोजेक्टाइल का मलबा एक वाहन पर गिरने से एक ड्राइवर की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि मृतक एशियाई मूल का था.
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ईरानी राष्ट्रपति ने मांगी माफी
शेख मोहम्मद की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई जब क्षेत्र में युद्ध का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया है. इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने उन पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी, जिन पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों के कारण हमले किए गए थे. हालांकि उनके बयान का तुरंत खंडन भी आ गया.
अंतरिम परिषद के लीडर ने क्या कहा?
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के अंतरिम नेतृत्व परिषद के सदस्य और न्यायपालिका प्रमुख गोलामहोसैन मोहसेनी एजई ने कहा, ‘ईरान की सशस्त्र सेनाओं के पास ऐसे सबूत हैं कि क्षेत्र के कुछ देशों की जमीन खुलकर या गुप्त रूप से दुश्मन के उपयोग में दी जा रही है. ऐसे लक्ष्यों पर भारी हमले जारी रहेंगे.’
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राष्ट्रपति पेजेश्कियान भी अपने बयान से पलटे
बाद में पेजेश्कियन ने भी अपने पहले के बयान को कुछ हद तक वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि भले ही ईरान मित्रतापूर्ण संबंधों को बनाए रखने और जारी रखने पर जोर देता है, लेकिन अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता के खिलाफ आत्मरक्षा का स्वाभाविक अधिकार भी रखता है.
