ट्रंप और शी जिनपिंग की हाई-लेवल मीटिंग, चीन अमेरिका दोनों होर्मुज खोलने पर राजी

US China on Strait of Hormuz: बीजिंग में डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें व्यापार, निवेश और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर अहम चर्चा हुई. दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और तेल सप्लाई सुचारु रहने पर सहमति जताई है.

US China on Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के साथ अहम बैठक की. व्हाइट हाउस ने इस मुलाकात को अच्छी बैठक बताया और कहा कि दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक बैठक में चीन में अमेरिकी कंपनियों की बाजार पहुंच बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में चीनी निवेश को प्रोत्साहित करने पर बातचीत हुई. बयान में कहा गया कि अमेरिका की कई बड़ी कंपनियों के प्रमुखों ने भी कुछ समय के लिए बैठक में हिस्सा लिया. अमेरिकी और चीनी पक्षों ने व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया.

फेंटानिल और कृषि उत्पादों पर भी हुई बातचीत

व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में फेंटानिल के अग्रदूत रसायनों की आपूर्ति रोकने की दिशा में हुई प्रगति का मुद्दा भी उठाया. इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी कृषि उत्पादों की चीनी खरीद बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया.

होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर सहमति

बैठक में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर भी दोनों देशों ने चर्चा की. अमेरिका और चीन ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बेहद जरूरी है. व्हाइट हाउस के अनुसार शी जिनपिंग ने होर्मुज के सैन्यीकरण और इसके इस्तेमाल पर किसी भी तरह का शुल्क लगाने के प्रयास का विरोध जताया.

चीन ने अमेरिकी तेल खरीदने में दिखाई रुचि

व्हाइट हाउस के एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पर चीन की निर्भरता कम करने के लिए अधिक अमेरिकी तेल खरीदने में रुचि दिखाई है. इसे ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम क्या हुई बात?

बैठक के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि Rjev को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाना चाहिए. यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और क्षेत्र में युद्धविराम की स्थिति अनिश्चित मानी जा रही है.

मिडिल ईस्ट तनाव के कारण एनर्जी क्राइसिस

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और इजराइल-ईरान जंग के कारण मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है. यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था और इसके चलते वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार रास्तों पर बुरा असर पड़ा है. करीब 40 दिनों के बाद अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच सीज फायर हुआ, लेकिन तनाव चरम पर हैं.

Also Read: पाकिस्तान ने किया फतह-4 मिसाइल का सफल परीक्षण, लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >