नाटो देशों पर बरस रहे ट्रंप… स्पेन ने कर दी तेहरान में दूतावास फिर से खोलने की बात

Trump On Nato: अमेरिकी राष्ट्रीपति ट्रंप के नाटो देशों की आलोचना के बीच स्पेन ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध मजबूत कर रहा है. स्पेन ने तेहरान में दूतावास फिर से खोलने की बात कही है.

Trump On Nato: स्पेन ने ईरान के साथ कूटनीतिक रिश्ते फिर से मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने के संकेत दिए है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को स्पेन ने घोषणा की है कि वो तेहरान में अपना दूतावास फिर से चालू करेगा. स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कहा कि उनका मकसद क्षेत्र में शांति प्रयासों को बढ़ावा देना है. इसी कारण उन्होंने ईरान में अपने राजदूत को वापस भेजने का निर्देश दिया. उनका मानना है कि बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव को कम किया जा सकता है. स्पने ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब ईरान अमेरिका में 14 दिनों का युद्धविराम हुआ है, लेकिन तनाव बरकरार है.

सीजफायर के बीच लेबनान में हमलों के कारण बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्ष विराम लागू हुआ है, लेकिन इस दौरान लेबनान में इज़राइल के हमलों को लेकर विवाद और बढ़ गया है. संघर्ष विराम के बाद इजराइल लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया. इजराइल का कहना है कि सीजफायर की शर्ते लेबनान पर लागू नहीं होंगी. इधर स्पेन ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की बात कही है.

अमेरिका का नाटो देशों के साथ मतभेद जारी, ट्रंप ने निकाली भड़ास

फ्रांस और ब्रिटेन समेत कई और देशों ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं दिया, इससे ट्रंप नाटो देशों से नाराज हैं. ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि जो देश सहयोग नहीं करेंगे, उनसे अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर विचार किया जा सकता है. नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा कि जरूरत के समय नाटो दोशों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया. बैठक से पहले ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान युद्ध के दौरान सहयोग नहीं मिलने पर अमेरिका नाटो से अलग होने पर विचार कर सकता है.

जरूरत के समय हमारे साथ नाटो नहीं था- ट्रंप

राष्टपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बड़े (कैपिटल) अक्षरों में लिखा- नाटो हमारे साथ नहीं था जब हमें उसकी जरूरत थी और आगे जरूरत पड़ने पर भी नहीं होगा. ट्रंप लंबे समय से नाटो की आलोचना करते रहे हैं. उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में भी संकेत दिया था कि वह गठबंधन से बाहर निकल सकते हैं. हालांकि अमेरिकी कांग्रेस 2023 में एक कानून पारित कर चुकी है, जिसके तहत कोई भी राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना नाटो से बाहर नहीं हो सकता.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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