Netanyahu Blackmail US: कुछ दिन पहले ओवेन्स ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त गुस्से में हैं. उनके मुताबिक, इस युद्ध को उन लोगों के अलावा कोई सपोर्ट नहीं कर रहा है जो हमेशा इजरायल को पहले रखते हैं. ओवेन्स ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि ये लोग बुरी तरह जंग हार रहे हैं और ट्रंप को इस गलतफहमी में रखना चाहते हैं कि उनकी जनता यह युद्ध चाहती है. रविवार को उन्होंने नेतन्याहू पर ईरान युद्ध को जानबूझकर भड़काने का आरोप लगाया.
इजरायल या उनके किसी भी युद्ध का समर्थन नहीं करती- ओवेन्स
ओवेन्स ने आरोप लगाया कि बिना किसी खतरे या उकसावे के 250 ईरानी स्कूली छात्राओं को मार दिया गया. उनके अनुसार, नेतन्याहू और उनके साथी इसलिए वर्ल्ड वार 3 चाहते हैं ताकि ईरान में भी रोथ्सचाइल्ड बैंकिंग सिस्टम लागू किया जा सके. ओवेन्स का मानना है कि ‘एपस्टीन क्लास’ के लोग पूरी दुनिया को कर्ज और ब्याज के जाल में फंसाना चाहते हैं. उन्होंने साफ कहा कि वह इजरायल या उनके किसी भी युद्ध का समर्थन नहीं करती हैं.
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
रविवार को अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के जरूरी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी. तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन ने उनके पावर प्लांट्स पर हमला किया, तो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को तुरंत पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. इससे पहले शनिवार देर रात राष्ट्रपति ट्रंप ने इस रास्ते को खोलने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन तय की थी. इस बीच, ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं.
नेतन्याहू का पलटवार
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ कड़ा एक्शन जारी रखेंगे. उन्होंने अरद और डिमोना का दौरा किया, जहां ईरान ने हमले किए थे. नेतन्याहू के मुताबिक, ईरान ने रिहायशी इलाकों और बच्चों की नर्सरी पर प्रतिबंधित क्लस्टर बमों से हमला किया है. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने यरूशलेम के पवित्र स्थलों के पास बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश बेस पर 4,000 किलोमीटर दूर तक मार करने वाली मिसाइल से हमला किया.
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ईरानी राष्ट्रपति का जवाब
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने रविवार को डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम एक ऐतिहासिक राष्ट्र के सामने उनकी हताशा को दिखाता है. पेजेशकियन ने साफ किया कि होर्मुज की लहरें ईरान के दुश्मनों को छोड़कर बाकी सभी देशों के लिए खुली हैं. नेतन्याहू ने दुनिया के नेताओं से अपील की है कि वे ट्रंप के नेतृत्व और विजन का साथ दें, क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ इजरायल की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए है.
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