क्या हुआ है ट्रंप के हाथों को? दावोस समिट में दिखे चोट के निशान; बीमारी की चर्चाओं के बीच घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ पर नई चोट ने फिर सुर्खियां बटोरीं. व्हाइट हाउस ने इसे सिर्फ एक मामूली हादसा बताया. ट्रंप अपनी हेल्थ को लेकर अफवाहों और सवालों के बीच, राष्ट्रपति ने खुद स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह ठीक हैं और किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने बाएं हाथ पर नई दिख रही चोट के बारे में सवालों को नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह बस एक छोटी-मोटी दुर्घटना थी और चिंता की कोई बात नहीं है.

दावोस समिट से एयर फोर्स वन में अमेरिका लौटते समय, ट्रंप ने कहा कि मैंने इसे अपने हाथ से छुआ. फिर मैंने थोड़ी क्रीम लगाई. जब उनसे पूछा गया कि क्या फ्लाइट के बाद उन्हें ठीक लग रहा है, तो ट्रंप मुस्कुराए और कहा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.

एस्पिरिन की वजह से हाथ पर निशान

रिपोर्टरों ने हाथ पर चोट देखी और पूछा कि क्या आप ठीक हैं? इस पर ट्रंप ने बताया कि एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथ पर कभी-कभी निशान और रंग बदलने लगते हैं. उन्होंने कहा कि मैं बड़ा एस्पिरिन लेता हूं. बड़ा एस्पिरिन लेने पर कहते हैं कि आपको निशान पड़ सकते हैं.

ट्रंप के अनुसार उनके डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इतनी बड़ी खुराक की जरूरत नहीं है. ट्रंप ने याद करते हुए कहा- डॉक्टर ने कहा है कि आपको इतना लेने की जरूरत नहीं है, सर, आप बहुत स्वस्थ हैं.मैंने कहा कि मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता.

व्हाइट हाउस ने चोट का कारण बताया

व्हाइट हाउस ने पहले पुष्टि की थी कि ट्रंप ने दावोस, स्विट्जरलैंड में बोर्ड ऑफ पीस साइनिंग समारोह के दौरान अपने हाथ को टेबल के कोने से ठोकर मार दी थी, जिससे हाथ पर चोट और दाग बन गया. प्रेस सचिव कैरोलाइन लिविट ने बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने साइनिंग टेबल के कोने से हाथ टकराया, जिससे हाथ पर चोट और दाग बन गया. समारोह के वीडियो में देखा गया कि शुरू में हाथ पर ज्यादा दाग नहीं था, लेकिन जैसे-जैसे ट्रंप दस्तावेज पर साइन कर रहे थे, निशान और ज्यादा दिखाई देने लगे.

हाल के वर्षों में ट्रंप के हेल्थ को लेकर ध्यान बढ़ा है

ट्रंप के हाथ पर चोटों ने पिछले कुछ वर्षों में भी लोगों का ध्यान खींचा है. कई बार उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसे ढकने के लिए मेकअप या पट्टी का इस्तेमाल किया. इससे पहले ही ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जनरल को बताया था कि वे सामान्य से ज्यादा डेली एस्पिरिन लेते हैं ताकि खून पतला रहे और हार्ट संबंधी जोखिम कम हों. ट्रंप ने स्वीकार किया कि वे बड़ी खुराक लेना पसंद करते हैं और छोटी खुराक पर जाने में हिचकिचाते हैं. उन्होंने कहा कि मैं थोड़ा सुपरस्टिशियस (अंधविश्वासी) हूं.

2025 में हेल्थ को लेकर बढ़ी निगरानी

पूरे 2025 में ट्रंप के हेल्थ को लेकर जनता और मीडिया में चर्चा रही. जुलाई में व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि ट्रंप को Chronic Venous Insufficiency (पुराने लोगों में आम समस्या, जिसमें पैरों में खून जमता है) है, लेकिन और गंभीर समस्याएं जैसे हार्ट फेलियर नहीं पाए गए.

साल की शुरुआत में, बिना सबूत वाली अफवाहों ने इस अटकल को हवा दी थी कि ट्रंप को स्ट्रोक आया हो सकता है. आलोचकों ने कुछ वीडियो की तरफ इशारा किया जिनमें वह कभी-कभी धीरे बोलते हुए या दिन में ऊंघते हुए दिख रहे थे. व्हाइट हाउस के डॉक्टरों ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप पूरी तरह ठीक हैं और सभी स्कैन और टेस्ट नॉर्मल हैं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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