Trump Gold Coin: अमेरिकी इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हो रहा है जब किसी जीवित राष्ट्रपति की फोटो सिक्के पर होगी. इससे पहले 1926 में 150वीं सालगिरह पर तत्कालीन राष्ट्रपति केल्विन कूलिज की फोटो जॉर्ज वाशिंगटन के साथ सिक्के पर छपी थी. अब 100 साल बाद ट्रंप यह उपलब्धि हासिल करेंगे.
क्या यह सिक्का लीगल है?
यूएस फेडरल लॉ कहता है कि किसी भी जीवित राष्ट्रपति की फोटो करेंसी (नोट या सिक्के) पर नहीं हो सकती. हालांकि, यूएस ट्रेजरर ब्रैंडन बीच ने ‘फॉक्स बिजनेस’ से कहा कि यह सिक्का रेगुलर चलने वाली करेंसी से अलग है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के पास ‘प्रूफ गोल्ड कॉइन’ जारी करने का स्पेशल पावर है, इसलिए वे इसे कानूनी मान रहे हैं.
बिल मेहर ने कसा तंज
डेमोक्रेट्स ने इस फैसले को ‘शर्मनाक’ बताया है. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, सीनेटर जेफ मर्कले ने कहा कि लोकतंत्र में नेता नहीं, बल्कि तानाशाह सिक्कों पर अपनी फोटो लगवाते हैं. वहीं, मशहूर कॉमेडियन बिल मेहर ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि ट्रंप ने कानून की पाबंदी से बचने के लिए ‘लीगल लूपहोल’ निकाल लिया है.
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3 इंच का होगा सिक्का
कमीशन के वाइस-चेयरमैन जेम्स मैकरी ने सुझाव दिया है कि इस सिक्के का साइज 3 इंच तक बड़ा रखा जाए. 4 जुलाई को अमेरिका के जन्मदिन पर इस गोल्ड कॉइन के अलावा बाजार में चलने वाले 10 पैसे (डाइम), 25 पैसे (क्वार्टर) और 50 पैसे के सिक्कों के डिजाइन भी एक साल के लिए बदले जाएंगे. इन पर ‘1776 ~ 2026’ की तारीख लिखी होगी.
वॉशिंगटन पर ‘ट्रंप छाप’ की कोशिश?
आलोचकों का मानना है कि ट्रंप हर जगह अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं. इससे पहले केनेडी सेंटर का नाम बदलकर ‘ट्रंप-केनेडी सेंटर’ किया जा चुका है और यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस की बिल्डिंग पर भी उनका नाम लिखा गया है. चर्चा यह भी है कि वे व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को गिराकर वहां एक बड़ा बॉलरूम बनवाना चाहते हैं.
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