Saudi Arabia Warns Iran: सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने साफ कर दिया है कि उनकी पहली प्रायॉरिटी खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को रोकना है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, रियाद में हुई बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए हर मुमकिन राजनीतिक, आर्थिक और डिप्लोमैटिक रास्ता अपनाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने उकसाना बंद नहीं किया, तो सऊदी अरब मिलिट्री एक्शन (सैनिक कार्रवाई) भी कर सकता है.
बातचीत नहीं, प्रेशर डाल रहा ईरान
सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों से बात करने के बजाय उन पर दबाव बनाने की कोशिश करता है. उन्होंने बताया कि ईरान पर जो थोड़ा-बहुत भरोसा बचा था, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. अल जजीरा के अनुसार, प्रिंस फैसल ने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है. ईरान का यह तर्क कि वह अमेरिकी बेस की वजह से हमले कर रहा है, सऊदी अरब ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है.
रिफाइनरी और गैस प्लांट पर हमले
प्रिंस फैसल ने कंफर्म किया कि रियाद में दो तेल रिफाइनरी पर हमले हुए हैं. अल जजीरा के मुताबिक, यह हमला ठीक उसी वक्त किया गया जब रियाद में हाई-लेवल मीटिंग चल रही थी. उधर, अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने जानकारी दी कि मिसाइलें गिराए जाने के बाद उसके मलबे से हबशान (Habshan) गैस प्लांट में नुकसान हुआ है, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया है. बाब (Bab) ऑयलफील्ड और अन्य गैस ठिकानों पर भी ऐसी ही स्थिति है.
ईरान का ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’
दूसरी तरफ, ईरान की न्यूज एजेंसी प्रेस टीवी की रिपोर्ट है कि ईरान की सेना और IRGC ने बुधवार, 18 मार्च को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत कई हमले किए हैं. यह कार्रवाई 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल गठबंधन द्वारा ईरान पर किए गए कथित हमले के जवाब में है. प्रेस टीवी के अनुसार, अब तक मिसाइल और ड्रोन हमलों की 63 लहरें (waves) आ चुकी हैं, जिनमें इजरायली सैन्य ठिकानों और पूरे वेस्ट एशिया में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया है.
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कतर और इराक में भी तनाव
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार रात कतर के रास लफान (Ras Laffan) इंडस्ट्रियल सिटी में भीषण आग लग गई. कतर एनर्जी ने कंफर्म किया कि ईरानी मिसाइल हमलों से इस गैस प्रोसेसिंग हब को काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं, प्रेस टीवी के अनुसार लेबनान का हिजबुल्लाह ग्रुप इजरायली ठिकानों पर हमले कर रहा है, जबकि इराकी रेजिस्टेंस ग्रुप्स इराक और अन्य अरब देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. सऊदी अरब ने इस बड़ी मीटिंग से पहले रियाद की ओर आती 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा भी किया है.
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