सऊदी अरब ने धार्मिक नियमों को लेकर अपने देश में नया नियम लागू किया है. सऊदी प्रशासन ने कंपनियों और दुकानों को यह निर्देश दिया है कि वे बैग, पैकेजिंग या किसी भी सामान पर अल्लाह का नाम न लिखें. इसका मकसद धार्मिक सम्मान और पवित्रता की रक्षा करना है. क्योंकि अगर वह सामान फेंका जा सकता है या गलत तरीके से इस्तेमाल होता है, तो इससे ईश्वर का अनादर होगा. इसका ऐलान सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुलरहमान अल-हुसैन ने किया.
अल-हुसैन ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर कहा कि अल्लाह के नाम, जिन्हें इस्लाम में अल-अस्मा उल हुस्ना कहते हैं, बहुत खास महत्व रखते हैं. इन्हें ऐसे सामान पर नहीं लिखा जाना चाहिए, जिन्हें फेंक सकते हैं या जिनका इस्तेमाल पवित्रता को कम करने के लिए हो. मंत्रालय ने बताया कि यह नियम सभी व्यावसायिक इस्तेमाल पर लागू होगा. इसमें प्रिंटेड बैग, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री शामिल हैं, खासकर वे चीजें जो थोड़े समय के लिए इस्तेमाल होती हैं या डिस्पोजेबल हैं.
अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम सऊदी अरब में व्यापार के नाम और ब्रांडिंग के नियमों को मजबूत करने के प्रयास का भी हिस्सा है. इस साल मंत्रालय ने एक नया व्यापार (नाम) कानून भी बनाया है, जिसमें साफ लिखा है कि व्यापार के नाम में क्या इस्तेमाल किया जा सकता है और क्या नहीं. कानून के अनुसार, बैन किए गए शब्दों और सरकारी संस्थाओं के नाम को व्यापारिक नाम (ट्रेड नेम) में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. साथ ही, ‘सऊदी अरब’ या किसी शहर और क्षेत्र के नाम का इस्तेमाल करने के लिए भी खास नियम मानने होंगे. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि व्यापार की आजादी और सांस्कृतिक, धार्मिक व सामाजिक मूल्यों के बीच संतुलन बना रहे.
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय ने देश भर के चेंबर ऑफ कॉमर्स को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश को अपने सदस्यों और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (कमर्शियल इस्टैबलिशमेंट) तक पहुंचाएं. मंत्रालय ने यह भी जोर देकर कहा कि वह देश भर के बाजारों पर निगरानी रखेगा ताकि इस आदेश का पालन हो और जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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