Saifullah Killed : अबू सैफुल्ला की हत्या से बौखलाए आतंकी, मोदी का नाम लेकर कहा बदला लेंगे

Saifullah Killed : सिंध में अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी रजाउल्ला निजामनी खालिद उर्फ ​​अबू सैफुल्ला की हत्या कर दी. इसके बाद उसके अंतिम संस्कार का वीडियो सामने आया है. इसमें हत्या जिम्मेदार भारत को बताया जा रहा है.

Saifullah Killed : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय पर 2006 में हुए हमले के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी रजाउल्ला निजामनी खालिद उर्फ अबू सैफुल्ला की हत्या हो गई. रविवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी. खालिद 2000 के दशक की शुरुआत में नेपाल से लश्कर के आतंकी अभियानों का नेतृत्व करता था. उसे विनोद कुमार, मोहम्मद सलीम और रजाउल्ला जैसे नामों से भी जाना जाता था. अधिकारियों के मुताबिक, वह भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था.

अबू सैफुल्ला की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें भीड़ नजर आ रही है. मंच से किसी की आवाज आ रही है. वह भारत का हाथ आतंकी की हत्या के पीछे बता रहा है. पीएम मोदी को भी कुछ बोलता वो सुनाई दे रहा है. धमकी भरे लहजे में वह कह रहा है कि हमें ऐसी घटना से एनर्जी मिलती है. इस हत्या का बदला हम जरूर लेंगे.

सिंध प्रांत के बदनी में एक चौराहे के पास सैफुल्ला को मारी गई गोली

अधिकारियों ने बताया कि सैफुल्ला रविवार दोपहर सिंध के मतली में अपने घर से निकला था और सिंध प्रांत के बदनी में एक चौराहे के पास हमलावरों ने उसे गोली मार दी. लश्कर के अबू अनस का करीबी सहयोगी खालिद नागपुर में संघ मुख्यालय पर हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें तीनों आतंकवादी मारे गए थे. संघ मुख्यालय पर हमले के अलावा, लश्कर का यह आतंकवादी खालिद 2005 में बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान पर हुए आतंकी हमले में भी शामिल था, जिसमें आईआईटी के प्रोफेसर मुनीश चंद्र पुरी की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे.

आतंकवादी घटनास्थल से भाग निकले थे, हालांकि बाद में पुलिस ने मामले की जांच की और अबू अनस के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. अनस अब भी फरार है. खालिद 2008 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर पर हुए हमले का भी मास्टरमाइंड था, जिसमें सात जवान और एक नागरिक की मौत हो गयी थी. दोनों आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गये थे. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मॉड्यूल का पर्दाफाश किए जाने के बाद खालिद नेपाल छोड़कर पाकिस्तान लौट गया था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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