यूक्रेन के मध्य-पूर्वी इलाके ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क में रविवार को रूस के एक ड्रोन हमले में 15 आम नागरिकों की जान चली गई. यह हमला ऐसे वक्त हुआ, जब कुछ ही घंटे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शांति वार्ता की अगली तारीखों का ऐलान किया था.
कंपनी बस को बनाया गया निशाना
क्षेत्र के गवर्नर ओलेकसांद्र गांझा ने टेलीग्राम पर बताया कि रूसी ड्रोन ने पाव्लोग्राद जिले में एक कंपनी की शटल बस के पास हमला किया. शुरुआती जानकारी में 12 लोगों की मौत की बात कही गई थी, लेकिन बाद में आपात सेवाओं ने मृतकों की संख्या बढ़कर 15 होने की पुष्टि की. एएफपी के मुताबिक, यह बस टर्निवका कस्बे के पास चल रही थी, जो फ्रंट लाइन से करीब 65 किलोमीटर दूर है. बस यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी DTEK की थी. कंपनी ने बताया कि मरने वाले सभी लोग उसके माइनिंग प्लांट से शिफ्ट पूरी कर घर लौट रहे थे.
बस जलकर खाक
यूक्रेन की नेशनल पुलिस ने टेलीग्राम पर बताया कि हमला आम नागरिकों के ढांचे पर हुआ. पुलिस के मुताबिक, ड्रोन हमले से बस में आग लग गई और लोग अंदर ही फंस गए. ब्लूमबर्ग ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमला टर्निवका शहर के पास हुआ. एएफपी के अनुसार, रविवार तड़के और रात भर हुए रूसी हमलों में अलग-अलग जगहों पर कुल मिलाकर कई लोग मारे गए और घायल हुए.
दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में एक ड्रोन हमला मातृत्व अस्पताल पर हुआ. इस हमले में मेडिकल जांच करा रही दो महिलाएं घायल हुईं. क्षेत्रीय गवर्नर इवान फेदोरोव ने टेलीग्राम पर बताया कि बाद में घायलों की संख्या बढ़कर छह हो गई. इसी दौरान, मध्य यूक्रेन के ड्निप्रो शहर में हुए एक और ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई. यह जानकारी भी क्षेत्रीय प्रशासन प्रमुख ओलेकसांद्र गांझा ने टेलीग्राम के जरिए दी.
जेलेंस्की का बयान
हमले के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक जताया. उन्होंने बताया कि 112 इमरजेंसी नंबर पूरी तरह चालू है और सरकारी हेल्पलाइन भी लोगों की मदद के लिए काम कर रही है.
जेलेंस्की ने कहा कि शहरों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, ताकि लोगों को सही समय पर मदद और सही जानकारी मिल सके. उन्होंने यह भी साफ किया कि ऐसे हर हमले का जवाब सैन्य और कूटनीतिक, दोनों तरीकों से दिया जाएगा.
ऊर्जा मंत्रालय का आरोप
यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने रॉयटर्स से कहा कि ड्निप्रो के पास हुआ हमला सीधे ऊर्जा सेक्टर में काम करने वाले लोगों को निशाना बनाकर किया गया. उन्होंने बताया कि हमला टर्निवस्का माइन के पास हुआ.
शांति वार्ता का ऐलान पहले ही हो चुका था
हमले से कुछ घंटे पहले ही जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा था कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अगली त्रिपक्षीय बैठकें 4 और 5 फरवरी को अबू धाबी (UAE) में होंगी. उन्होंने कहा कि यूक्रेन गंभीर बातचीत के लिए तैयार है और चाहता है कि इसका नतीजा सम्मानजनक तरीके से युद्ध खत्म करने की दिशा में जाए.
रूस ने शुक्रवार को कहा था कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर एक हफ्ते तक कीव पर हमले रोकने पर सहमति जताई है. यह रोक 1 फरवरी तक के लिए बताई गई थी. ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने यह अपील यूक्रेन में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए की. वहीं, क्रेमलिन ने इसे शांति बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश बताया. हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि यह अपील कब की गई थी.
अमेरिका की कोशिशें जारी
एपी के मुताबिक, शनिवार को रूस के शीर्ष दूत किरिल दिमित्रिएव ने फ्लोरिडा में अमेरिकी शांति प्रतिनिधियों से मुलाकात की. अबू धाबी में होने वाली बातचीत को ट्रंप प्रशासन की एक साल से चल रही कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद करीब चार साल से चल रहे इस युद्ध को खत्म करना है. हालांकि, रूस और यूक्रेन अब भी कई बड़े मुद्दों पर आमने-सामने हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि रूस यूक्रेन के जिन इलाकों पर काबिज है, खासकर डोनबास क्षेत्र, वहां से वह हटेगा या नहीं.
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