रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें फोन किया. दोनों नेताओं के बीच करीब 1 घंटे तक बातचीत हुई. जिसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बातचीत में ऐसा क्या हुआ, जिसने पुतिन के भारत दौरे को और ज्यादा अहम बना दिया?
ट्रंप-पुतिन की बातचीत का भारत के लिए क्या है मतलब?
- 8 सितंबर को हुई इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध और इसे खत्म करने की कोशिशों पर चर्चा हुई. अमेरिका की तरफ से मास्को और कीव के साथ कूटनीतिक संपर्क भी तेज किए गए हैं. क्रेमलिन के मुताबिक, ट्रंप और पुतिन ने इन कोशिशों को सकारात्मक नजर से देखा है.
- अब अगली नजर दिल्ली पर है. पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दे अहम रह सकते हैं.
- भारत लंबे समय से रूस और पश्चिम, दोनों के साथ अपने रिश्तों को संतुलित करता आया है. यूक्रेन युद्ध के दौरान भी भारत ने बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान की बात कही है.
अगर अमेरिका और रूस के बीच बातचीत आगे बढ़ती है, तो भारत के लिए भी नया रणनीतिक स्पेस बन सकता है. ऐसे में सबसे अहम सवाल यह है कि बदलती ग्लोबल पॉलिटिक्स में दिल्ली की अगली चाल क्या होगी और भारत अपने हितों को कैसे सबसे ऊपर रखेगा?
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