Pakistan PM China Visit: पाकिस्तान के आर्मी चीफ खबर लिखे जाने तक ईरान में हैं. वह ‘संदेशवाहक’ की तरह अमेरिका की ओर पेश किए गए मसौदे पर ईरान को राजी करने तेहरान पहुंचे हैं. इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शनिवार को चार दिन के आधिकारिक दौरे पर चीन रवाना हो गए. 23 मई से 26 मई तक चलने वाले इस दौरे का मकसद आर्थिक सहयोग बढ़ाना, रणनीतिक संबंध मजबूत करना और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना बताया गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार शरीफ सबसे पहले चीन के हांगझू पहुंचे हैं.
बड़े मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल भी साथ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी कि इस दौरे में शहबाज शरीफ के साथ कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, योजना मंत्री अहसान इकबाल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार, आईटी मंत्री शाजा फातिमा ख्वाजा और विशेष सहायक तारिक फातेमी शामिल हैं.
हांगझू में बिजनेस फोरम और समझौते
दौरे के दौरान शहबाज शरीफ हांगझू में झेजियांग प्रांत के पार्टी सचिव वांग हाओ से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा वह CPEC फेज-2 के तहत सहयोग बढ़ाने के लिए आयोजित बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे. यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और अन्य समझौतों के आदान-प्रदान से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
रिपोर्ट्स के अनुसार, शहबाज शरीफ चीन की बड़ी कंपनियों के सीईओ से भी मुलाकात करेंगे. वह चीनी टेक कंपनी अलीबाबा ग्रुप के मुख्यालय का दौरा भी करेंगे, जहां निवेश और कारोबारी सहयोग को लेकर चर्चा होने की संभावना है.
बीजिंग में शी जिनपिंग और पीएम ली कियांग के साथ अहम बैठक
हांगझोउ दौरे के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बीजिंग जाएंगे. वहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से होगी. इस दौरान पाकिस्तान और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
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कृषि, आईटी और विज्ञान सहयोग पर जोर
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के बयान में कहा गया कि यह यात्रा दोनों देशों की ‘ऑल-वेदर स्ट्रैटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप’ को और मजबूत करेगी. बयान के मुताबिक सीपीईसी, व्यापार, निवेश, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान और लोगों के बीच संबंध बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा.
मिडिल ईस्ट तनाव पर भी हो सकती है चर्चा
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष का मुद्दा भी इस दौरे में उठ सकता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान और चीन मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने पहले पांच सूत्रीय सिद्धांत पर सहमति जताई थी, जिसे संयुक्त बयान के रूप में जारी किया गया था. अंद्राबी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की इस यात्रा के दौरान भी इस मुद्दे पर बातचीत होने की संभावना है.
